Ganga River Flood Alert: हरिद्वार में लगातार बारिश से गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर पहुँच गया है। प्रशासन ने गंगा किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और राहत दलों को अलर्ट पर रखा गया है।

Haridwar Ganga Water Level: लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बीते सोमवार को गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर पहुँच गया है। अधिकारियों के अनुसार गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर से लगभग 10 सेंटीमीटर अधिक बह रहा है और लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन ने गंगा किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है।

जलस्तर बढ़ने से किन क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा?

यदि जलस्तर और बढ़ता है, तो नदी के किनारे बसे गांवों में बाढ़ (Flood Risk) का खतरा बढ़ सकता है। इससे खेत, घर और निचले इलाकों में पानी भरने की संभावना रहती है। सिंचाई विभाग के एसडीओ भारत भूषण शर्मा ने बताया कि गंगा का बढ़ता जलस्तर मैदानी क्षेत्रों पर भी असर डाल सकता है।

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हरिद्वार में जनजीवन प्रभावित: क्या परेशानियाँ सामने आई हैं?

भारी बारिश के कारण हरिद्वार में जनजीवन प्रभावित हो गया है। कई नदियां और नाले उफान पर हैं। शहरी क्षेत्रों में दो से तीन फुट तक जलभराव होने से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। रुड़की के अलावलपुर गांव में सोलानी नदी (Solani River) के तेज बहाव के कारण शमशान घाट बह गया।

CWC ने जारी किया येल्लो अलर्ट (Yellow Alert): क्या जानकारी मिली?

केंद्रीय जल आयोग (CWC) ने 18 अगस्त 2025, सुबह 4:00 बजे से 19 अगस्त 2025, रात 8:00 बजे तक येल्लो अलर्ट (Yellow Alert) जारी किया है। उत्तराखंड के देहरादून जिले के ऋषिकेश (Rishikesh) में गंगा नदी (Ganga River) सुबह 4:00 बजे 339.52 मीटर के स्तर पर बह रही थी। यह स्तर चेतावनी स्तर 339.5 मीटर से 0.02 मीटर ऊपर और खतरे के स्तर 340.5 मीटर से 0.98 मीटर नीचे है।

प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं?

राहत और बचाव दल को अलर्ट पर रखा गया है। सिंचाई विभाग लगातार डाउनस्ट्रीम वाले जिलों के प्रशासन के संपर्क में है और उन्हें गंगा (Ganga River) के जलस्तर की जानकारी दी जा रही है। लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

स्थानीय प्रशासन और जल विशेषज्ञ लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं। बारिश जारी रहने की स्थिति में लोगों को नदी किनारे और निचले इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की आवश्यकता है। आने वाले दिनों में गंगा (Ganga River) का जलस्तर और बढ़ सकता है, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है।

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