योगी आदित्यनाथ नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में लखनऊ से अभियान शुरू करेंगे। महिला आरक्षण को ‘आधी आबादी का अधिकार’ बताते हुए प्रदेशभर में जन-जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

लखनऊ। ‘आधी आबादी’ को उनका अधिकार दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath खुद मैदान में उतरने जा रहे हैं। विपक्ष द्वारा नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को पारित नहीं होने देने के विरोध में मंगलवार को राजधानी लखनऊ में प्रस्तावित प्रदर्शन की अगुवाई सीएम योगी करेंगे।

उनके निर्देश पर ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन में पूरे प्रदेश में बड़े स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसकी शुरुआत Lucknow से होगी। इस अभियान के जरिए विपक्ष को सीधे जनता के बीच घेरने की रणनीति बनाई गई है। इसमें मुख्यमंत्री के साथ पूरा मंत्रिमंडल भी शामिल रहेगा।

महिला आरक्षण को ‘आधी आबादी का अधिकार’ के रूप में पेश करने की तैयारी

सरकार ने तय किया है कि महिला आरक्षण के मुद्दे को “आधी आबादी का अधिकार” के रूप में जनता के सामने रखा जाएगा। इसके लिए ब्लॉक स्तर से लेकर जिला मुख्यालयों तक कार्यक्रमों की एक श्रृंखला चलाई जाएगी। महिला समूहों, स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न सामाजिक संगठनों को जोड़कर इस अभियान को जनांदोलन का रूप देने की योजना है।

विपक्ष पर सीधा हमला: ‘महिलाओं के साथ अन्याय’ का आरोप

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस अभियान के दौरान स्पष्ट संदेश देंगे कि महिला सशक्तीकरण डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता है। रैलियों, जनसभाओं और संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से विपक्षी दलों के रुख को जनता के सामने लाया जाएगा। सरकार का कहना है कि जिन दलों ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर विरोध या देरी की नीति अपनाई, वे महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ खड़े हैं। इस मुद्दे को लेकर घर-घर संपर्क अभियान भी चलाया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक लोगों तक यह संदेश पहुंचे।

महिला समूहों की भागीदारी से बनेगा जनआंदोलन

इस अभियान में महिला समूहों को विशेष रूप से जोड़ा जाएगा, ताकि गांव से लेकर शहर तक इस मुद्दे को व्यापक समर्थन मिल सके। सरकार का लक्ष्य है कि महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को बढ़ावा दिया जाए और इसे केवल राजनीतिक मुद्दा न रखकर सामाजिक आंदोलन का रूप दिया जाए। यह अभियान महिलाओं के अधिकार, सशक्तीकरण और समाज में उनकी भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।