योगी सरकार की त्वरित मक्का विकास योजना और अनुदान से यूपी के किसानों ने स्वीट कॉर्न की खेती कर दोगुनी आय हासिल की। ड्रोन तकनीक और आधुनिक खेती के जरिए लागत कम और उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के प्रयासों से खेती-किसानी में तेजी से बदलाव आ रहा है। आधुनिक तकनीक और नवाचार के जरिए किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनकी आय में भी बढ़ोतरी सुनिश्चित की जा रही है। सरकार ने खेती में ड्रोन तकनीक की शुरुआत की है, जिसके तहत किसान उत्पादक संगठनों (FPO) और कृषि स्नातकों को ड्रोन खरीदने के लिए 40-50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।

ड्रोन और आधुनिक तकनीक से खेती में नई क्रांति

योगी सरकार खेती को आधुनिक बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ड्रोन के उपयोग से फसल की निगरानी, कीटनाशक छिड़काव और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल रही है। इसके साथ ही किसानों को कृषि यंत्र, बीज और मिनी किट पर अनुदान देकर लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम से किसान बने आत्मनिर्भर

सरकार का त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रहा है। इस योजना के तहत किसानों को उन्नत बीज पर 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है, जिससे उनकी लागत काफी कम हो रही है। इस कार्यक्रम से जुड़कर किसान पारंपरिक खेती के साथ नई फसलों की ओर भी बढ़ रहे हैं।

स्वीट कॉर्न की खेती से किसानों की आय हुई दोगुनी

गोरखपुर जिले के ब्रह्मपुर ब्लॉक में किसानों ने पहली बार स्वीट कॉर्न की खेती कर शानदार सफलता हासिल की है। आकिब जावेद के किसान उत्पादक संगठन (FPO) से जुड़े किसानों ने खरीफ सीजन में 8 एकड़ क्षेत्र में स्वीट कॉर्न की खेती की। इन किसानों में श्रीराम, भीमसेन, विजेंद्र और राजेश प्रताप शामिल हैं, जिन्होंने ग्राम पुरनहा और सुगहा में यह प्रयोग किया।

90% अनुदान से कम हुई लागत, बेहतर मिला उत्पादन

सरकार से बीज पर 90 प्रतिशत अनुदान मिलने के कारण प्रति एकड़ लागत केवल 8 से 10 हजार रुपये के बीच रही। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को फसल प्रबंधन की पूरी जानकारी दी, जिससे बेहतर उत्पादन मिला। करीब ढाई महीने में फसल तैयार हुई और प्रति एकड़ औसतन 40 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ।

स्थानीय बाजार में बेहतर दाम, किसानों को मिला बड़ा फायदा

उत्पादित स्वीट कॉर्न को एफपीओ के माध्यम से स्थानीय बाजार में 30 रुपये प्रति किलो की दर से बेचा गया। इससे किसानों को प्रति एकड़ 1 से 1.25 लाख रुपये तक की आय हुई, जो पारंपरिक धान की खेती से कहीं अधिक है।

किसानों के जीवन में बढ़ी खुशहाली, अन्य किसान भी हो रहे प्रेरित

एफपीओ संचालक आकिब जावेद का कहना है कि सरकार के सहयोग और त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम के कारण किसानों की आय में दोगुनी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सफलता को देखकर अन्य किसान भी स्वीट कॉर्न जैसी नवाचार आधारित खेती की ओर आगे बढ़ेंगे।

नवाचार और सरकारी सहयोग से मजबूत हो रही खेती

उत्तर प्रदेश में आधुनिक तकनीक, अनुदान और नई योजनाओं के माध्यम से खेती को लाभकारी बनाया जा रहा है। सरकार के प्रयासों और किसानों की मेहनत से कृषि क्षेत्र में नई संभावनाएं बन रही हैं और किसानों का भविष्य मजबूत हो रहा है।