उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के तहत 5 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए गए हैं। अप्रैल 2026 में 30 दिनों में 51,882 प्लांट लगाकर नया रिकॉर्ड बना। इससे बिजली उत्पादन, रोजगार और पर्यावरण संरक्षण में बड़ा फायदा हुआ।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में रूफटॉप सोलर योजना के तहत बड़ी उपलब्धि हासिल की गई है। प्रदेश में अब तक 5,00,115 से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जो देश में एक नया कीर्तिमान है।
आवेदन और स्थापना का आंकड़ा | 8.94 लाख आवेदन, बड़े पैमाने पर स्वीकृति
प्रदेश में कुल 8,94,217 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से बड़ी संख्या में स्वीकृति और स्थापना पूरी की गई। इस योजना के तहत प्रदेश में 1,696.68 मेगावाट की कुल स्थापित क्षमता तैयार हो चुकी है। केंद्र सरकार द्वारा ₹3,038.08 करोड़ और राज्य सरकार द्वारा ₹1,000 करोड़ से अधिक की सब्सिडी दी जा चुकी है, जिससे लोगों को सौर ऊर्जा अपनाने में मदद मिली है।
मुफ्त बिजली और पर्यावरण लाभ | रोजाना ₹5 करोड़ की बिजली उत्पादन
यूपी नेडा डायरेक्टर रविन्दर सिंह के अनुसार, उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन लगभग ₹5 करोड़ की मुफ्त बिजली उत्पन्न हो रही है। इसके साथ ही लाखों टन कार्बन उत्सर्जन में कमी लाई गई है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बड़ा फायदा मिला है।
रोजगार और भूमि संरक्षण | 65,000 से ज्यादा लोगों को रोजगार
प्रदेश में करीब 5,000 कंपनियों के माध्यम से 65,000 से अधिक लोगों को सीधे रोजगार मिला है, जबकि लाखों लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हुआ है। रूफटॉप सोलर परियोजनाओं के कारण करीब 6,500 एकड़ भूमि सुरक्षित रही है, जिसे अब कृषि और अन्य व्यावसायिक कार्यों में इस्तेमाल किया जा सकता है।
अप्रैल 2026 में बना नया रिकॉर्ड | 30 दिनों में 51,882 संयंत्र स्थापित
अप्रैल 2026 में उत्तर प्रदेश ने सिर्फ 30 दिनों में 51,882 रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित कर नया रिकॉर्ड बनाया। यह किसी भी राज्य द्वारा इतनी तेज गति से स्थापना का राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।
प्रतिदिन स्थापना का नया मानक | 1,729 संयंत्र रोजाना
अप्रैल महीने में औसतन 1,729 सोलर संयंत्र प्रतिदिन स्थापित किए गए, जो अब तक का सबसे ज्यादा आंकड़ा है। इस शानदार प्रदर्शन के आधार पर उत्तर प्रदेश ने देश में पहला स्थान हासिल किया है।
मार्च का रिकॉर्ड भी टूटा | बेहतर क्रियान्वयन का परिणाम
मार्च 2026 में औसतन 1,700 संयंत्र प्रतिदिन स्थापित किए गए थे, लेकिन अप्रैल में इसे पीछे छोड़ते हुए नया रिकॉर्ड बनाया गया। यह उपलब्धि मजबूत मॉनिटरिंग, बेहतर समन्वय और प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है।


