सीएम योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों का मानदेय ₹18,000 किया और ₹5 लाख हेल्थ कवर देने का ऐलान किया। उन्होंने पिछली सरकारों पर हमला बोलते हुए शिक्षा सुधार, स्कूल सुविधाओं और ‘स्कूल चलो अभियान’ पर जोर दिया।

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 से पहले की सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने नियम-कानूनों की अनदेखी करते हुए शिक्षामित्रों को सहायक शिक्षक बनाने की कोशिश की, जो पूरी तरह गलत था। इसी वजह से सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा और शिक्षामित्रों की सेवाएं समाप्त करने का आदेश देना पड़ा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय स्थिति बहुत गंभीर थी। करीब डेढ़ लाख परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया था। ये लोग 18-19 वर्षों से सेवा दे रहे थे और अचानक नौकरी जाने पर उनके सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया था। ऐसे में सरकार ने निर्णय लिया कि उनकी सेवाएं खत्म नहीं की जाएंगी, बल्कि उन्हें साथ लेकर आगे बढ़ा जाएगा।

शिक्षामित्र मानदेय बढ़ोतरी: ₹3,500 से बढ़ाकर ₹18,000 प्रतिमाह

सीएम योगी ने बताया कि 2017 में सरकार बनने के बाद शिक्षामित्रों का मानदेय ₹3,500 से बढ़ाकर ₹10,000 किया गया था। अब इसे और बढ़ाकर ₹18,000 प्रतिमाह कर दिया गया है, जो अप्रैल से लागू हो चुका है। यह घोषणा उन्होंने गोरखपुर में आयोजित राज्यस्तरीय शिक्षामित्र सम्मान समारोह में की।

संवाद और सहयोग से समाधान: टकराव नहीं, सकारात्मक सोच जरूरी

मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों से अपील करते हुए कहा कि अब ट्रेड यूनियन जैसी सोच और नकारात्मकता को छोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि केवल मांगों पर अड़े रहने से बच्चों की शिक्षा और समाज दोनों को नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि "पहले देश, फिर हम" की भावना के साथ काम करना जरूरी है। सरकार ने भी आपकी समस्याओं का समाधान संवाद और सहयोग के माध्यम से किया है, न कि टकराव से।

शिक्षामित्रों के लिए 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा

सीएम योगी ने बताया कि सभी शिक्षामित्रों को प्रधानमंत्री की तर्ज पर ₹5 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो लोग अभी तक इस योजना से नहीं जुड़ पाए हैं, उन्हें भी जल्द शामिल किया जाएगा। बेसिक शिक्षा परिषद को निर्देश दिए गए हैं कि सभी पात्र शिक्षामित्रों को यह सुविधा जल्द से जल्द दी जाए।

बैंक खाते और नजदीकी पोस्टिंग की सुविधा

मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी शिक्षामित्रों के बैंक खाते खुलवाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे मानदेय सीधे खाते में पहुंचे। इसके साथ ही उन्हें उनके जिले या नजदीकी स्कूल में तैनाती दी जा रही है। खासकर महिला शिक्षामित्रों को मायके या ससुराल के पास ट्रांसफर की सुविधा भी दी जाएगी।

शिक्षा में बड़ा बदलाव: ऑपरेशन कायाकल्प से स्कूलों की तस्वीर बदली

सीएम योगी ने शिक्षा क्षेत्र में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प के तहत स्कूलों की स्थिति पूरी तरह बदल गई है।

  • पहले सुविधाएं 30-36% थीं, अब 96-99% तक पहुंच गई हैं
  • ड्रॉपआउट रेट 19% से घटकर 3% रह गया है
  • 1.60 करोड़ बच्चों को यूनिफॉर्म, बैग, जूते, मोजे और स्वेटर दिए जा रहे हैं

उन्होंने कहा कि पहले बच्चे पढ़ नहीं पाते थे, लेकिन अब छोटे बच्चे भी अच्छी तरह पढ़ने लगे हैं।

नई शिक्षा योजनाएं: निपुण भारत, पीएम श्री और अटल टिंकरिंग लैब

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निपुण भारत मिशन, पीएम श्री स्कूल, अटल टिंकरिंग लैब और अटल आवासीय विद्यालय जैसे मॉडल तेजी से विकसित हो रहे हैं। कस्तूरबा गांधी विद्यालयों को 12वीं तक अपग्रेड किया गया है और नए विकास खंडों में आवासीय स्कूल खोले जा रहे हैं।

‘स्कूल चलो अभियान’ को तेज करने की अपील

मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों से कहा कि जुलाई में स्कूल खुलने के साथ ही ‘स्कूल चलो अभियान’ को तेज करें। उन्होंने सुझाव दिया कि शिक्षक रोज आधा घंटा पहले स्कूल पहुंचें और घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क करें। बच्चों को प्यार से पढ़ाएं और उन्हें प्रेरित करें। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल में मारपीट से बचें और बच्चों को कहानियों और उदाहरणों के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित करें।

शिक्षामित्र सम्मान समारोह: 1.43 लाख शिक्षामित्रों को बधाई

मुख्यमंत्री ने 1.43 लाख शिक्षामित्रों को बधाई दी और उन्हें ईमानदारी और समर्पण से काम करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कार्यक्रम में चयनित शिक्षामित्रों को सम्मानित किया और बढ़े हुए मानदेय के चेक भी दिए।

‘अरुणोदय’ कैलेंडर का विमोचन और बच्चों से संवाद

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘अरुणोदय’ कैलेंडर का विमोचन किया। इसका उद्देश्य प्रार्थना सभा को बच्चों के समग्र विकास का माध्यम बनाना है। इसमें विज्ञान, गणित, भाषा कौशल, रोल प्ले, कला और संवाद जैसी गतिविधियों को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने बच्चों के मॉडल्स देखे, उनकी सराहना की और उनसे बातचीत भी की। साथ ही उन्होंने बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया और महिलाओं को उपहार दिए।