Lucknow Trade Show : उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) ने 2023 व 2024 में निवेश और निर्यात में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की। तीसरे संस्करण में बी2बी व बी2सी के माध्यम से 2200 करोड़ से अधिक निर्यात ऑर्डर और बड़े निवेश की उम्मीद है।  

UP International Trade Show : उत्तर प्रदेश का इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) अब राज्य की पहचान को वैश्विक व्यापार मानचित्र पर स्थापित करने का सशक्त जरिया बन गया है। 2023 और 2024 के सफल आयोजनों ने यह साबित कर दिया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश न केवल घरेलू बाजार में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भी मजबूत दावेदारी पेश कर रहा है। अब तीसरा संस्करण और बड़ी उम्मीदों के साथ आयोजित होने जा रहा है, जहां निवेश और निर्यात के नए रिकॉर्ड बन सकते हैं। उम्मीद की जा रही है कि यह आयोजन पिछले दोनों संस्करणों से कहीं बड़ा और प्रभावी होगा। न केवल निर्यात और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे बल्कि उत्तर प्रदेश वैश्विक व्यापार जगत में अपनी मजबूत स्थिति को और पुख्ता करेगा।

मेरठ, हापुड़, गाजियाबाद, कानपुर के बिजनेसमैन ने किया कमाल

  • अभूतपूर्व सफलता के साथ उभरकर प्रदेश की वैश्विक पहचान बना चुका है। पहले संस्करण में 1000 करोड़ से अधिक का व्यापार हुआ, जबकि दूसरे में 2200 करोड़ रुपये से ज्यादा निर्यात ऑर्डर मिले। तीसरे संस्करण में बी2बी और बी2सी मॉडल के जरिए बड़े निवेश और नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
  • मेक इन इंडिया और लोकल फॉर वोकल जैसे अभियानों को वैश्विक मंच मिलेगा, जिससे प्रदेश की MSME और स्टार्टअप सेक्टर्स को मजबूती मिलेगी। यूपीआईटीएस अब ‘ग्लोबल ब्रांडिंग’ का प्रतीक बन चुका है।
  • यह विवरण यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो की विकास यात्रा, उपलब्धियों और आगामी संभावनाओं को सरल हिंदी में प्रस्तुत करता है, जो व्यापारिक एवं निवेश समुदाय के लिए उपयोगी है।
  • 2024 ने दी नई ऊंचाई दूसरा संस्करण 2024 में और भी प्रभावशाली साबित हुआ। वियतनाम को सहयोगी देश के रूप में शामिल करने वाले इस आयोजन में 2122 प्रदर्शक, 70 देशों से आए 350 विदेशी खरीदार और लगभग 5 लाख विजिटर्स ने हिस्सा लिया। बी2बी और बी2सी मॉडल के जरिए 2200 करोड़ रुपए से अधिक के निर्यात ऑर्डर प्राप्त हुए, वहीं प्रदर्शनी के दौरान 40 करोड़ रुपए से ज्यादा की सीधी बिक्री दर्ज की गई।
  •  सबसे खास उपलब्धि यह रही कि शीर्ष 20 उद्यमियों को ही 630 करोड़ रुपए से अधिक के निर्यात ऑर्डर मिले। इनमें मेरठ, हापुड़, गाजियाबाद, कानपुर, बागपत, बाराबंकी, मिर्जापुर, मथुरा, संभल और ग्रेटर नोएडा जैसे जिलों के उद्यमी शामिल रहे।

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ग्लोबल ब्रांडिंग का बना प्रतीक 

यूपीआईटीएस ने केवल कारोबार ही नहीं बढ़ाया बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ को वैश्विक पहचान देने का भी काम किया। ओडीओपी, स्टार्टअप, एमएसएमई, रोजगार और निर्यात प्रोत्साहन की राज्य सरकार की नीतियों ने इसमें नई ऊर्जा भर दी है। यूपीआईटीएस 2025 को लेकर इस बार खास रणनीति बनाई जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि इस बार न केवल परंपरागत उत्पादों को वैश्विक बाजार मिलेगा बल्कि हाई-टेक सेक्टर्स में भी निवेश और निर्यात के बड़े मौके पैदा होंगे।