उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने आंगनवाड़ी को डिजिटल बनाने के लिए 69,804 स्मार्टफोन और 18,440 नियुक्ति पत्र वितरित किए। 450 करोड़ की परियोजनाओं से पोषण, शिक्षा और बाल विकास को नई मजबूती मिलेगी।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में आयोजित भव्य कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की आंगनवाड़ी व्यवस्था को डिजिटल, मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया। इस मौके पर उन्होंने 69,804 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन वितरित किए। साथ ही 18,440 कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए। इसके अलावा 450 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली महिला एवं बाल विकास से जुड़ी कई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया।
69,804 स्मार्टफोन वितरण: डिजिटल आंगनवाड़ी की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने 69,804 स्मार्टफोन वितरित कर आंगनवाड़ी सेवाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में अहम पहल की। इन स्मार्टफोन्स की मदद से अब बच्चों के पोषण का रिकॉर्ड, गर्भवती महिलाओं की निगरानी और योजनाओं का रियल-टाइम डेटा अपडेट किया जा सकेगा। इससे सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और काम की गति भी तेज होगी।
18,440 नियुक्ति पत्र: आंगनवाड़ी भर्ती से सिस्टम मजबूत
कार्यक्रम में 18,440 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए। इससे खाली पदों को भरने के साथ ही जमीनी स्तर पर सेवाओं को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने रायबरेली, अमेठी, सिधौली और गोसाईगंज सहित कई जिलों की चयनित महिलाओं को मंच से नियुक्ति पत्र देकर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया का संदेश दिया।
कुपोषण से लड़ाई के लिए आधुनिक उपकरणों का वितरण
सीएम योगी ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को ग्रोथ मॉनिटरिंग के लिए आधुनिक उपकरण भी दिए। प्रदेश में 10,553 इन्फेंटोमीटर, 1,33,282 स्टेडियोमीटर और 58,237 मदर-चाइल्ड वेइंग स्केल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन उपकरणों की मदद से बच्चों की लंबाई, ऊंचाई और वजन की सही निगरानी होगी, जिससे कुपोषण की पहचान समय पर की जा सकेगी।
सक्षम आंगनवाड़ी केंद्र: शिक्षा और विकास का नया मॉडल
प्रदेश में 23,697 आंगनवाड़ी केंद्रों को ‘सक्षम आंगनवाड़ी’ के रूप में विकसित किया गया है, जिन पर 236 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इन केंद्रों में एलईडी स्क्रीन, आरओ पानी, ईसीसीई किट और आधुनिक फर्नीचर जैसी सुविधाएं दी गई हैं। अब ये केंद्र केवल पोषण वितरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य और मानसिक विकास के केंद्र बन रहे हैं।
75 जिलों में आंगनवाड़ी नेटवर्क का विस्तार
उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में 897 बाल विकास परियोजनाओं के तहत लगभग 1.89 लाख आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि इन सभी केंद्रों को धीरे-धीरे स्मार्ट और डिजिटल बनाया जाए। सरकार का मानना है कि स्वस्थ और शिक्षित बचपन ही मजबूत राष्ट्र की नींव है। इसी उद्देश्य से बच्चों को बेहतर पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने मंच से बांटे नियुक्ति पत्र और स्मार्टफोन
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कई लाभार्थियों को मंच से सम्मानित किया-
- आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों में मीरा देवी (रायबरेली), महिमा (अमेठी), शहरुनिशां (सिधौली), शैलू सिंह (गोसाईगंज), किरण, सुभाषिनी और मेनका पाल को नियुक्ति पत्र दिए गए।
- सहायिकाओं में मंजू सिंह, मुस्कान सोनकर और रूमा देवी सहित अन्य को भी नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
स्मार्टफोन वितरण में कार्यकत्रियों को मिला सम्मान
मुख्यमंत्री ने लखनऊ की आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों- आशा यादव, प्रीति सैनी, अमिता मिश्रा, अर्चना रावत, माया देवी, सुनीता रस्तोगी, निधि जायसवाल, मीना शुक्ला, प्रिया पाल और नेहा भारती को स्मार्टफोन दिए। इसके अलावा मुख्य सेविकाओं में पूनम राय, अरुणा वाजपेई, मीनू देवी, रूमी रानी और उषा देवी को भी सम्मानित किया गया।
ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस का वितरण
कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस भी दिए गए। इनमें स्टेडियोमीटर, इन्फेंटोमीटर और वेइंग स्केल शामिल हैं। इस दौरान नाहिद परवीन, सावित्री, यूतिका सिंह, राधा पांडे, आस्था पाल, अनीता, नीलू रावत, राजरानी, बीना मिश्रा और रेखा मिश्रा जैसे कई लाभार्थियों को ये उपकरण दिए गए।


