सार

महाकुंभ में राम मंदिर की प्रतिकृति स्थापित! रामलला के बाल स्वरूप के दर्शन और आंदोलन की यादों को ताज़ा करें। एक आध्यात्मिक और ऐतिहासिक यात्रा का अनुभव।

महाकुंभ नगर : यदि आप महाकुंभ में आ रहे हैं और अयोध्या में रामलला के दर्शन की योजना पूरी नहीं कर पा रहे हैं, तो चिंता करने की कोई बात नहीं। इस बार महाकुंभ में विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने एक भव्य आयोजन किया है, जिसमें अयोध्या के राम मंदिर का स्वरूप संगम नगरी में ही प्रस्तुत किया गया है। विहिप पंडाल में अयोध्या के राम मंदिर की झलक दिखाने के लिए काले पत्थर से बनी रामलला के बाल रूप की प्रतिमा स्थापित की गई है, जिससे श्रद्धालुओं को अयोध्या में राम मंदिर का अनुभव हो रहा है।

राम मंदिर आंदोलन की गौरवशाली यादें

यह पंडाल केवल रामलला के दर्शन के लिए नहीं, बल्कि राम मंदिर आंदोलन की यादों और संघर्षों को जीवित रखने के लिए भी तैयार किया गया है। यहां पर विशेष स्तंभों पर राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं और विवरणों को उकेरा गया है। यह स्तंभ विश्व हिंदू परिषद के संस्थापक अशोक सिंघल की स्मृति में समर्पित किया गया है, जो दशकों के संघर्ष के बाद राम मंदिर के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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श्रद्धालुओं का अनोखा अनुभव

महाकुंभ में स्नान करने के बाद यहां आने वाले श्रद्धालु इस अनोखे आयोजन को आध्यात्मिक यात्रा के रूप में अनुभव कर रहे हैं। कई भक्तों ने कहा कि रामलला के दर्शन से उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है जैसे उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर की यात्रा पूरी कर ली हो। यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह इतिहास और धर्म में रुचि रखने वालों के लिए भी एक अद्भुत अनुभव है। राम मंदिर के दर्शन के साथ-साथ यह आयोजन एकता, संघर्ष और हिंदू समाज के एकजुट होने का संदेश भी देता है। महाकुंभ में आने वाले हर भक्त के लिए यह एक अविस्मरणीय अनुभव साबित हो रहा है.

'हमें तो लगा अयोध्या ही आ गए!' महाकुंभ नगरी में भव्य राम मंदिर की झलक, VHP की दिखी अनोखी पहल

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