उत्तर प्रदेश के Noida International Airport (जेवर एयरपोर्ट) के पहले फेज का आज पीएम मोदी ने उद्घाटन कर दिया है। सबसे बड़ा और सबसे आधुनिक इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। यह एयरपोर्ट सिर्फ आकार में ही नहीं, बल्कि अपनी मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी और ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण भी खास बनने जा रहा है।

उत्तर प्रदेश में बन रहा Noida International Airport तेजी से देश का सबसे बड़ा एविएशन हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। खास बात यह है कि यह एयरपोर्ट मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी के साथ तैयार हो रहा है, जिससे उत्तर भारत के यात्रियों को अब इंटरनेशनल फ्लाइट के लिए Indira Gandhi International Airport पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

एक्सप्रेसवे नेटवर्क से मजबूत कनेक्टिविटी

एयरपोर्ट को सीधे Yamuna Expressway से जोड़ा गया है, जबकि Delhi-Mumbai Expressway के बल्लभगढ़ लिंक से हरियाणा और पश्चिम भारत तक तेज पहुंच संभव होगी। आने वाले समय में Ganga Expressway और Eastern Peripheral Expressway से कनेक्टिविटी और बेहतर होगी, जिससे गाजियाबाद, मेरठ, पलवल और सोनीपत सीधे जुड़ेंगे।

रेल और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी पर जोर

दिल्ली से जेवर को जोड़ने के लिए Regional Rapid Transit System (RRTS) परियोजना प्रस्तावित है। साथ ही चोला-रुंधी रेल लाइन और भविष्य की Delhi-Varanasi High-Speed Rail में जेवर स्टेशन शामिल करने की योजना है।

बस और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का विस्तार

Uttar Pradesh State Road Transport Corporation के सहयोग से उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड से बस सेवाएं चलाई जाएंगी। साथ ही नोएडा, ग्रेटर नोएडा और YEIDA मिलकर 500 इलेक्ट्रिक बसें चलाएंगे, जो एयरपोर्ट तक ग्रीन कनेक्टिविटी देंगी।

 यात्रियों के लिए स्मार्ट ट्रैवल विकल्प

एयरपोर्ट पर Mahindra Logistics की ब्रांडेड कैब सेवा शुरू होगी। इसके अलावा Uber, Ola, Rapido और MakeMyTrip जैसी सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी। यात्रियों को सेल्फ-ड्राइव और ड्राइवर के साथ कार रेंटल का विकल्प भी मिलेगा।

ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर

एयरपोर्ट का निर्माण LC3 technology के जरिए किया जा रहा है, जिससे कार्बन उत्सर्जन कम होगा और यह प्रोजेक्ट ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर का उदाहरण बनेगा।

जेवर एयरपोर्ट पर आधुनिक टर्मिनल और सुविधाएं

टर्मिनल-1 करीब 1.37 लाख वर्ग मीटर में फैला होगा, जिसमें 48 चेक-इन काउंटर, 20 सेल्फ बैगेज ड्रॉप और 9 सिक्योरिटी लेन होंगी। इंटरनेशनल यात्रियों के लिए 9 इमिग्रेशन काउंटर और फास्ट-ट्रैक सुविधा दी जाएगी। घरेलू उड़ानों के लिए 10 एयरोब्रिज और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए अलग व्यवस्था होगी।

 हाई कैपेसिटी ऑपरेशन

यह एयरपोर्ट प्रति घंटे लगभग 30 फ्लाइट्स को संभालने में सक्षम होगा और सालाना 2.5 लाख मीट्रिक टन कार्गो हैंडलिंग की क्षमता रखेगा।

 बड़ा असर

जेवर एयरपोर्ट शुरू होने के बाद उत्तर भारत के लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा और Indira Gandhi International Airport पर दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा।