डेनमार्क के राजदूत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर यूपी में निवेश और तकनीकी सहयोग पर चर्चा की। डिफेंस कॉरिडोर, नवीकरणीय ऊर्जा, जल प्रबंधन और स्किल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाएं जताई गईं।
लखनऊ। भारत में डेनमार्क के राजदूत रासमस अबिल्डगार्ड क्रिस्टेंसन ने शुक्रवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच उत्तर प्रदेश में निवेश, तकनीकी सहयोग और विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी को लेकर विस्तृत और सकारात्मक चर्चा हुई।
यूपी के विकास मॉडल की डेनमार्क ने की सराहना
बैठक के दौरान डेनमार्क के राजदूत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में हुए बदलावों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पहले निवेश के मामले में उत्तर प्रदेश का नाम कम लिया जाता था, लेकिन आज यह राज्य निवेशकों के लिए एक प्रमुख गंतव्य बन गया है। उन्होंने प्रदेश की बड़ी आबादी, कुशल मानव संसाधन और मजबूत होती इंफ्रास्ट्रक्चर को इसकी सबसे बड़ी ताकत बताया।
डिफेंस कॉरिडोर और टेक्नोलॉजी सेक्टर में निवेश की रुचि
राजदूत ने उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर बात करते हुए विशेष रूप से डिफेंस कॉरिडोर में रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में डेनमार्क का अच्छा अनुभव है और वहां की कंपनियां इस क्षेत्र में निवेश और तकनीकी सहयोग के लिए तैयार हैं। इसके साथ ही वेस्ट-टू-एनर्जी सेक्टर में भी डेनमार्क की विशेषज्ञता का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसमें साझेदारी की इच्छा जताई।
नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रीन टेक्नोलॉजी में सहयोग
राजदूत ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार सौर ऊर्जा, वेस्ट-टू-एनर्जी और हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में डेनमार्क की कंपनियां सक्रिय रूप से भागीदारी कर सकती हैं, जिससे स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ा सहयोग संभव है।
जल प्रबंधन और नदी पुनरुद्धार परियोजनाएं
जल प्रबंधन के क्षेत्र में सहयोग की बात करते हुए राजदूत ने बताया कि आईआईटी (बीएचयू) के साथ नदी पुनरुद्धार और जल शोधन से जुड़ी परियोजना पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वे जल्द ही वाराणसी का दौरा करेंगे। इसके अलावा कंप्रेस्ड बायोगैस और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में भी सहयोग की संभावनाएं जताई गईं।
शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट और हेल्थ केयर में साझेदारी
राजदूत ने शिक्षा और कौशल विकास को सहयोग का महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि इससे नॉलेज ट्रांसफर और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही एल्डरली हेल्थ केयर सेक्टर में बढ़ती वैश्विक मांग को देखते हुए उन्होंने उत्तर प्रदेश के युवाओं को भाषा प्रशिक्षण और कौशल देकर अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जोड़ने की बात कही।
कृषि और फूड प्रोसेसिंग में सहयोग के अवसर
राजदूत ने कृषि और खाद्य प्रसंस्करण को भी महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि कृषि तकनीक, फूड प्रोसेसिंग और सप्लाई चेन मैनेजमेंट में मिलकर काम करने से टिकाऊ खेती और वैल्यू-एडेड फूड प्रोडक्ट्स को बढ़ावा दिया जा सकता है।
निवेश के लिए यूपी सरकार का भरोसा और सहयोग
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की सबसे तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने निवेशकों के लिए पारदर्शी नीतियां, मजबूत कानून-व्यवस्था और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को राज्य की प्रमुख ताकत बताया। उन्होंने डेनमार्क की कंपनियों को निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार उन्हें हर संभव सहयोग और सुरक्षित वातावरण प्रदान करेगी।
रोजगार और तकनीकी विकास को मिलेगी नई गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिफेंस कॉरिडोर, नवीकरणीय ऊर्जा, वेस्ट-टू-एनर्जी, जल प्रबंधन, स्किल डेवलपमेंट और हेल्थ केयर जैसे क्षेत्रों में डेनमार्क के साथ साझेदारी से राज्य को बड़ा लाभ मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस सहयोग से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, तकनीकी विकास होगा और उत्तर प्रदेश में सतत विकास को नई दिशा मिलेगी।


