CM Yogi and Anandiben Patel 1st Flight from Jewar: जेवर एयरपोर्ट के पहले फेज के उद्घाटन के साथ ही उत्तर प्रदेश के विकास ने 'टेक-ऑफ' कर लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जेवर से लखनऊ की पहली उड़ान भरकर इस एयरपोर्ट के संचालन की औपचारिक शुरुआत की।
UP Government First Flight Jewar Airport: उत्तर प्रदेश के इतिहास में शनिवार, 28 मार्च का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (फेज-1) का उद्घाटन किया, जो आने वाले समय में एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनने जा रहा है। इस उद्घाटन के बाद यूपी सरकार के राजकीय वायुयान ने जेवर के रनवे से अपनी पहली उड़ान भरी। इस ऐतिहासिक सफर में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा से लखनऊ तक की दूरी तय की। यह उड़ान सिर्फ कनेक्टिविटी की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह संकेत है कि अब पश्चिमी यूपी से राजधानी लखनऊ की दूरी और भी आसान, तेज और सीधी हो जाएगी। जिससे व्यापार, निवेश और आवागमन को सीधे फायदा मिलेगा।
यूपी की इकोनॉमी के लिए गेमचेंजर जेवर एयरपोर्ट- सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी ने इस एयरपोर्ट को यूपी की इकोनॉमी के लिए एक बड़ा गेमचेंजर बताया। उनका विजन साफ है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट न सिर्फ प्रदेश की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, बल्कि इसे दुनिया के निवेश के नक्शे (Global Investment Map) पर एक बड़ी जगह दिलाएगा। सीएम योगी के अनुसार, यह प्रोजेक्ट निवेश, इंडस्ट्री और रोजगार के नए अवसरों के दरवाजे खोल देगा।
सीएम योगी का'आर्थिक विजन'
निवेश की बाढ़: जेवर एयरपोर्ट के आसपास यमुना एक्सप्रेसवे के इलाके में डेटा सेंटर, मेडिकल डिवाइस पार्क, और सेमीकंडक्टर यूनिट जैसे हाईटेक प्रोजेक्ट्स में भारी निवेश आएगा।
रोजगार का हब: अकेले इस एयरपोर्ट प्रोजेक्ट से लगभग 1 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद है।
बिजनेस का पावरहाउस: इस प्रोजेक्ट से करीब 60,000 करोड़ रुपये की आर्थिक गतिविधि पैदा होगी और सरकार को 2000 करोड़ का टैक्स राजस्व मिलेगा।
एक्सपोर्ट का हब: एयरपोर्ट के कार्गो हब बनने से यूपी के प्रोडक्ट्स सीधे विदेशी बाजारों तक पहुंचेंगे, जिससे 'लैंडलॉक्ड' राज्य की बाधा खत्म होगी।
डबल इंजन की स्पीड, जिसका शिलान्यास-उसका उद्घाटन भी- मुख्यमंत्री
जेवर एयरपोर्ट का शिलान्यास 25 नवंबर 2021 को किया गया था। आज, महज कुछ सालों में ही पहले फेज का उद्घाटन समारोह भी हो गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'पीएम मोदी के मार्गदर्शन में पिछले 12 सालों में देश ने और पिछले 9 सालों में यूपी ने जो स्पीड पकड़ी है, उससे वह अपनी नई पहचान बना रहा है। डबल इंजन की यही स्पीड है कि जिसकी आधारशिला रखो, शिलान्यास करो, उसका उद्घाटन भी करो।'
एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट: फेज-1 की पूरी डिटेल
- फेज-1 में करीब 3300 एकड़ जमीन पर टर्मिनल और रनवे बनाए गए हैं।
- हर साल लगभग 1.2 करोड़ पैसेंजर्स यहां से उड़ान भर सकेंगे।
- इस प्रोजेक्ट पर करीब 11,000 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।
- जब चारों फेज पूरे हो जाएंगे, तो यह एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन जाएगा।


