सार
जयपुर. हमेशा हम देखते हैं कि कई बार जरूरतमंद आदमी को किसी सुविधा का लाभ नहीं मिल पाता। लेकिन कोई सक्षम होकर भी उन सुविधाओं का लाभ उठा लेता है। कुछ ऐसा ही राजस्थान में राशन कार्ड से मिलने वाले सरकारी राशन की सुविधा का सिस्टम है। इसमें कई लोग ऐसे हैं जो सक्षम होने के बावजूद भी राशन कार्ड के जरिए सरकारी राशन लेते हैं और फिर उसे कहीं दूसरी जगह बेच देते हैं। लेकिन अब राजस्थान में इस तरह का कोई भी फर्जीवाड़ा नहीं चल सकेगा।
राजस्थान सरकार ने शुरू किया नया अभियान
- राजस्थान सरकार ने प्रदेश में गिव अप अभियान शुरू किया है। ऐसे में जो परिवार सक्षम होने के बावजूद भी खाद्य सुरक्षा योजना से जुड़े हुए हैं। वह 28 फरवरी तक खुद ही अपना नाम हटा सकते हैं। यदि अभियान में कोई नाम नहीं हटवाता है तो ऐसे लोगों के खिलाफ 1 मार्च से कार्रवाई शुरू की जाएगी।
- जो इनकम टैक्स चुका रहा है और जिसके नाम पर चार पहिया वाहन है लेकिन फिर भी वह खाद्य सुरक्षा योजना में जुड़ा हुआ है तो ऐसे लोगों के खिलाफ खाद्य विभाग कार्रवाई शुरू करेगा। जिनसे खाद्य विभाग उनके द्वारा लिए गए खाद्यान्न की 27 रुपए प्रति किलो के हिसाब से वसूली करेगा।
मंत्री के आदेश पर कलेक्टर तैयार कराएंगे लिस्ट
- मामले में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा का कहना है कि यह अभियान समाप्त होने के बाद जिला कलेक्टर के द्वारा जिला स्तर पर विभाग से समन्वय करके एक सूची तैयार की जाएगी। जिससे यह पता चल सके कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंद लोगों को मिले।
- यदि कोई खाद्य सुरक्षा योजना से अपना नाम हटवाना चाहता है तो वह अपने नजदीकी उचित मूल्य की दुकान पर जाकर एक निर्धारित फार्म भरकर नाम हटवा सकता है। साथ ही उन्हें यह घोषणा करनी होगी कि वह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के पात्र नहीं है और खुद की मर्जी से इस योजना से नाम हटवा रहे हैं।
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