Luni River Accident में बालोतरा-जसोल मार्ग पर बोलेरो के तेज बहाव में पलटने से मां और दो बेटियों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग लापता हैं। प्रशासन ने बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत गोताखोरों व ड्रोन की मदद से खोज जारी रखी है।
Balotra Luni River Bolero Accident : बाड़मेर जिले के बालोतरा-जसोल मार्ग पर बुधवार दोपहर एक भीषण हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। लूनी नदी के तेज बहाव में एक बोलेरो वाहन पलटकर बह गया, जिससे मां सहित दो नन्ही बच्चियों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग लापता हैं। हादसे में घायल दो लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के बाद उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
जसोल माता मंदिर के दर्शन करने जा रहा था परिवार
जानकारी के अनुसार, जाटों का वास वृसिंहपुरा (शेरगढ़) निवासी 40 वर्षीय पेमाराम अपने परिवार के साथ जसोल स्थित माता भटियाणी मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे। दोपहर करीब डेढ़ बजे जब वे लूनी नदी के रपटे से गुजर रहे थे, तभी अचानक तेज बहाव में बोलेरो का संतुलन बिगड़ गया और वाहन पलटकर नदी में बह गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने घटना की सूचना तुरंत पुलिस और प्रशासन को दी।
बाड़मेर कलेक्टर और एसपी मौके पर
सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर सुशील कुमार, पुलिस अधीक्षक रमेश कुमार सहित प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंच गईं। घायलों को बाहर निकालकर जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया। मृतकों में मीरोदेवी (32), उनकी 7 वर्षीय बेटी उर्मिला और 3 वर्षीय बेटी पूजा शामिल हैं। वहीं चालक देवाराम (55) और एक अन्य बुजुर्ग व्यक्ति को सुरक्षित बचा लिया गया।
- घटना के बाद लापता पेमाराम, उनकी मां कबू देवी और एक अन्य मासूम की तलाश के लिए गोताखोरों की कई टीमें जुटी हुई हैं। प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन में ड्रोन कैमरों का भी सहारा लिया है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक लापता तीनों का कोई सुराग नहीं लग पाया था।
- स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में बारिश के कारण लूनी नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ था। बावजूद इसके कई वाहन चालक लापरवाही से नदी पार करने का प्रयास कर रहे हैं।
- इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बरसात के मौसम में नदी-नालों के तेज बहाव को नजरअंदाज न करें और सुरक्षित मार्ग का ही चयन करें।