पंजाब सरकार 3 लाख पेंशनरों के लिए नया डिजिटल पेंशन पोर्टल ला रही है। पोर्टल पर पेंशन संबंधी काम घर बैठे होंगे। दिवाली तक इसे पूरी तरह लागू किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट 6 विभागों में शुरू हो चुका है।
Punjab Digital Pension Portal: पंजाब सरकार ने राज्य के करीब 3 लाख पेंशनरों और जल्द रिटायर होने वाले कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। सरकार ने एक एडवांस्ड पेंशन सर्विस पोर्टल (Pension Service Portal) लॉन्च करने की तैयारी की है जिससे पेंशन से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान घर बैठे हो सकेगा। अब पेंशनरों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। सरकार ने बताया कि इस पोर्टल का पायलट ट्रायल छह विभागों में शुरू किया जा चुका है और दिवाली तक इसे पूरी तरह से जनता के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा।
मुख्य सुविधाएं
- दफ्तरों के चक्कर से राहत: पेंशनरों को छोटे-मोटे कामों और औपचारिकताओं के लिए अब दफ्तरों में नहीं जाना पड़ेगा।
- समय पर पेंशन भुगतान: रिटायर होने वाले कर्मचारियों को समय पर सीधे उनके बैंक खाते में पेंशन मिलेगी, जिससे आर्थिक असुरक्षा खत्म होगी।
- ऑनलाइन लाइफ सर्टिफिकेट: हर साल जमा होने वाला लाइफ सर्टिफिकेट अब ऑनलाइन सबमिट किया जा सकेगा।
- समयबद्ध शिकायत निवारण: पोर्टल पर दर्ज की गई हर शिकायत को एक यूनिक आईडी दी जाएगी और वह सीधे संबंधित अधिकारी को भेजी जाएगी। तय समय सीमा में समाधान करना अनिवार्य होगा।
- पहला चरण स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस, जल आपूर्ति और स्वच्छता विभागों में लागू किया जाएगा। इन विभागों के रिटायर होने वाले कर्मचारियों का डाटा और मौजूदा पेंशनरों का रिकॉर्ड पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है।
- सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए होगी। बोर्ड और कॉरपोरेशनों के कर्मचारियों को इसमें शामिल नहीं किया गया है क्योंकि उनके सेवा नियम अलग हैं।
- यह पहल पंजाब में डिजिटल गवर्नेंस (Digital Governance) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है और पेंशनरों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।
- पंजाब में फिलहाल लगभग 3 लाख पेंशनर्स हैं और हर साल करीब 10–15 हज़ार नए रिटायरमेंट केस जुड़ते हैं।
- पहले पेंशन क्लियरेंस और ग्रिवांस रिड्रेसल में औसतन 3–6 महीने लग जाते थे।
- पोर्टल में OTP आधारित लॉगिन, आधार लिंकिंग, और मोबाइल ऐप का भी विकल्प होगा।
- जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) सीधे Jeevan Pramaan पोर्टल से लिंक होगा।
- किसी रिटायर कर्मचारी का अनुभव जोड़ सकते हैं, जैसे–अब हमें दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, यह बुजुर्गों के लिए राहत की बात है।
- दूसरी फेज़ में सभी विभागों को जोड़ा जाएगा और तीसरी फेज़ में मोबाइल ऐप लॉन्च करने की योजना है।
- सरकार आगे चलकर बोर्ड और कॉरपोरेशन कर्मचारियों के लिए भी अलग मॉडल ला सकती है।