Vasai Building Collapse: मुंबई के वसई में रमाबाई अपार्टमेंट का पिछला हिस्सा देर रात क्यों ढह गया? दो मौतें, 11 लोग बचाए गए, NDRF का रेस्क्यू जारी। क्या पुरानी इमारतें बन रही हैं खामोश खतरा? प्रशासन ने इलाके को सील कर जांच शुरू की।
Mumbai Heavy Rain Building Collapse: मुंबई के वसई इलाके में सोमवार देर रात बड़ा हादसा हुआ, जब नारंगी रोड पर स्थित चार मंजिला रमाबाई अपार्टमेंट का पिछला हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 लोगों को NDRF और दमकल विभाग की टीमों ने सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं प्रशासन ने तुरंत इलाके को सील कर जांच शुरू कर दी है।
क्या पुरानी इमारतें बन रही हैं खतरा?
यह हादसा उस समय हुआ जब लोग रात में अपने घरों में सो रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इमारत का पिछला हिस्सा अचानक गिरने से चारों तरफ धूल का गुबार फैल गया और अफरा-तफरी मच गई। यह इलाका पालघर जिले में आता है, हालांकि यह मुंबई सबअर्बन से जुड़ा है। पिछले कुछ समय से मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में पुरानी और जर्जर इमारतों के गिरने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। यह सवाल उठता है कि क्या शहर की पुरानी बिल्डिंग्स अब खामोश मौत के जाल में बदल रही हैं?
दमकल और NDRF की त्वरित कार्रवाई
जैसे ही हादसे की खबर मिली, वसई-विरार नगर निगम के फायर ब्रिगेड और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमों को मौके पर भेजा गया। उन्होंने रातभर राहत और बचाव कार्य चलाया। अब तक 11 लोगों को मलबे से सुरक्षित निकालकर विरार और नाला सोपारा के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्रशासन का कहना है कि राहत कार्य अभी भी जारी है और मलबे के नीचे किसी के फंसे होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
नारंगी रोड का इलाका क्यों है संवेदनशील?
नारंगी रोड, चामुंडा नगर और विजय नगर का यह इलाका घनी आबादी वाला है, जहां पुरानी इमारतें और संकरी गलियां बचाव कार्य को चुनौतीपूर्ण बना देती हैं। भारी मशीनरी को मौके पर लाने में भी मुश्किलें आईं। स्थानीय लोग लंबे समय से इस क्षेत्र की जर्जर इमारतों को लेकर चिंता जता रहे थे। सवाल यह भी उठता है कि क्या समय रहते इन इमारतों का निरीक्षण कर हादसे को रोका जा सकता था?
प्रशासन की सतर्कता और जांच
पालघर पुलिस और नगर निगम ने घटना स्थल को सील कर दिया है। आसपास की पुरानी इमारतों का निरीक्षण करने का आदेश दिया गया है। फिलहाल हादसे के सही कारणों का पता लगाने के लिए जांच चल रही है।