सार
बेटे की शादी तय हो चुकी थी और सारी तैयारियाँ लगभग पूरी हो चुकी थीं, तभी पिता और होने वाली बहू के बीच नज़दीकियाँ बढ़ने लगीं. बाद में दोनों ने शादी कर ली.
हर समाज सामाजिक व्यवस्था के संतुलन को बनाए रखने के लिए कुछ अलिखित नियम बनाता है. खासकर पारिवारिक रिश्तों में. लेकिन जब कुछ लोग इन अलिखित नियमों को तोड़ते हैं तो इससे समाज में बेचैनी फैलती है. ऐसा ही एक मामला पिछले दिनों महाराष्ट्र के नासिक से सामने आया. खबर है कि एक पिता ने अपने बेटे के लिए तय की गई दुल्हन से शादी कर ली. इसके बाद बेटा सारे पारिवारिक रिश्ते छोड़कर साधु बन गया, ऐसा स्थानीय मीडिया ने बताया.
बेटे की शादी की तैयारियाँ पूरी हो चुकी थीं, तभी पिता और होने वाली बहू के बीच नज़दीकियाँ बढ़ीं और उन्हें प्यार हो गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाद में दोनों ने शादी कर ली. पिता की इस हरकत से नाराज युवक ने घर छोड़कर साधु बनने का फैसला किया. घरवालों और गांववालों ने उसे समझाने की बहुत कोशिश की. घरवालों ने कहा कि वे दूसरी लड़की ढूंढकर जल्द ही उसकी शादी करा देंगे, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक युवक इसके लिए तैयार नहीं हुआ.
ऐसी ही एक खबर पहले चीन से आई थी. यह खबर बैंक ऑफ चाइना के पूर्व चेयरमैन लियू लियांगगे से जुड़ी थी. भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के आरोप में चीनी सरकार ने लियू लियांगगे को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें मौत की सजा सुनाई. लेकिन बाद में सजा पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई. इस दौरान लियू का बेटा अपनी होने वाली पत्नी को लेकर अपने पिता से मिलने आया.
लड़की को पसंद करने वाले लियू ने अपने बेटे को बहकाकर लड़की को छोड़ने के लिए कहा. इसके बाद लियू ने अपने बेटे की शादी अपने दोस्त की बेटी से करा दी. बाद में बेटे ने उस लड़की को ढूंढा जिससे उसकी पहले शादी तय हुई थी और उसे शादी का प्रस्ताव दिया. लियू के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए लड़की ने उससे शादी कर ली, लेकिन छह महीने के अंदर ही यह रिश्ता टूट गया. बाद में चीनी सरकार ने पुराने मामले में लियू को मौत की सजा दे दी.