सार

समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आज़मी ने औरंगजेब पर दिया बयान, कहा- "उसने मंदिरों के साथ मस्जिदें भी तोड़ीं।" महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने बताया देशद्रोह, केस दर्ज करने की मांग। जानें पूरा विवाद।

 

Aurangzeb controversy: औरंगजेब को लेकर समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के विधायक अबू आज़मी (Abu Azmi) के बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। शिवसेना ने सपा प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने अबू आजमी के खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज कराने की बात कही तो देर शाम को उनकी पार्टी के सांसद नरेश म्हास्के ने पुलिस थाने पहुंच तहरीर देकर देशद्रोह का केस दर्ज कराने की मांग की है। हालांकि, अबू आजमी ने कहा कि मुगल शासक औरंगजेब ने केवल मंदिर ही नहीं बल्कि मस्जिदें भी गिराई थीं।

'औरंगजेब हिंदू विरोधी नहीं था': आजमी

अबू आज़मी ने कहा कि औरंगजेब को हिंदू विरोधी बताना गलत है क्योंकि उसकी प्रशासनिक व्यवस्था में 34 प्रतिशत हिंदू थे और उसके कई सलाहकार भी हिंदू थे। उन्होंने कहा: अगर औरंगजेब रहमतुल्लाह अलैह ने मंदिर तोड़े तो मस्जिदें भी तोड़ीं। अगर वह हिंदुओं के खिलाफ होता तो 34% हिंदू उसके शासन में नहीं होते और उसके सलाहकार हिंदू नहीं होते। यह सच है कि उसके शासन में भारत 'सोने की चिड़िया' था। इसे हिंदू-मुस्लिम मुद्दा बनाने की जरूरत नहीं है। अबू आज़मी ने आगे कहा कि उस दौर के शासकों के बीच सत्ता और संपत्ति को लेकर संघर्ष होता था लेकिन इसे धार्मिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा: राजाओं की लड़ाई धर्म की नहीं थी बल्कि सत्ता की थी। अगर औरंगजेब जबरन धर्म परिवर्तन कराता तो 52 साल के शासन में करोड़ों हिंदू मुस्लिम बन चुके होते। 1857 की क्रांति में मंगल पांडे (Mangal Pandey) ने विद्रोह किया तो बहादुर शाह जफर (Bahadur Shah Zafar) ने उनका समर्थन किया था। उन्होंने यह भी कहा कि यह देश संविधान से चलेगा और मैंने हिंदू भाइयों के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया है।

अबू आज़मी ने पहले भी औरंगजेब को लेकर बयान दिया था कि वह क्रूर शासक नहीं था और उसने कई मंदिर भी बनवाए थे। उन्होंने यह भी कहा था कि औरंगजेब और छत्रपति संभाजी महाराज के बीच संघर्ष प्रशासनिक था न कि धार्मिक।

शिंदे ने बताया 'देशद्रोह', कार्रवाई की मांग

उधर, अबू आज़मी के बयान पर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे गलत और अस्वीकार्य बताते हुए आज़मी पर देशद्रोह (Treason) का मामला दर्ज करने की मांग की।

शिंदे ने कहा: औरंगजेब ने छत्रपति संभाजी महाराज (Chhatrapati Sambhaji Maharaj) को 40 दिनों तक प्रताड़ित किया। ऐसे व्यक्ति की तारीफ करना सबसे बड़ा पाप है। अबू आज़मी को इस बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए। हमारे मुख्यमंत्री ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है, और उन पर देशद्रोह का मामला दर्ज होना चाहिए।

बयान पर बढ़ा सियासी घमासान

अबू आज़मी के इस बयान पर शिवसेना (Shiv Sena), बीजेपी (BJP) और अन्य हिंदू संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। महाराष्ट्र में यह मुद्दा राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार शाम को शिवसेना सांसद नरेश म्हास्के महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अबू आसिम आज़मी के खिलाफ औरंगज़ेब पर दिए गए बयान के लिए मामला दर्ज कराने वागले एस्टेट पुलिस स्टेशन पहुंचे। सांसद म्हास्के ने कहा कि अबू आज़मी के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज होना चाहिए। उन्हें भारत में रहने का कोई अधिकार नहीं है। औरंगज़ेब जिसने हज़ारों हिंदू मंदिरों को नष्ट किया, महिलाओं पर अत्याचार किया, छत्रपति संभाजी महाराज पर क्रूरतापूर्वक अत्याचार किया, वह देश के खिलाफ था, उसने हमारे देश को लूटा। हमारे नेता एकनाथ शिंदे ने आज सुबह ही मांग की है कि उसके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाना चाहिए। आज हम उसके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज कराने यहां आए हैं।

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