सार
Amit Shah attack Pawar and Thackeray: महाराष्ट्र चुनाव में बीजेपी ने प्रचंड बहुमत हासिल की थी। चुनाव नतीजों के करीब एक महीना बाद केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने शरद पवार पर जोरदार हमला बोला है। शाह ने रविवार को बीजेपी की जीत को राज्य में गद्दारी और अस्थिरता की राजनीति के अंत का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि 1978 में की गई गद्दारी की राजनीति को समाप्त कर दिया है।
शाह रविवार को शिरडी में बीजेपी के राज्य सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में बीजेपी की जीत ने 1978 से शुरू हुई अस्थिरता और गद्दारी की राजनीति को समाप्त कर दिया। आपने इस राजनीति को 20 फीट जमीन के नीचे दफन कर दिया।
क्या थी 1978 की घटना?
1978 में शरद पवार ने वसंतदादा पाटिल सरकार से 40 विधायकों के साथ अलग होकर मुख्यमंत्री का पद संभाला था। इसके बाद से शरद पवार महाराष्ट्र की राजनीति के किंगमेकर के तौर पर जाने जाते रहे हैं। लेकिन 2024 का विधानसभा चुनाव उनके लिए काफी नुकसानदायक रहा। 2023 में उनके भतीजे अजीत पवार ने पार्टी में विभाजन कर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होकर भाजपा का साथ दिया। इसके बाद से शरद पवार लगातार कमजोर होते गए। उधर, 2024 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने 132 सीटें जीतकर राज्य में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
शाह ने क्या कहा?
अमित शाह ने कहा: 1978 से 2024 तक, महाराष्ट्र राजनीतिक अस्थिरता का शिकार रहा। लेकिन आपने एक स्थिर और मजबूत देवेंद्र फडणवीस सरकार को लाकर रास्ता दिखाया है। बीजेपी ने 2019 के विधानसभा चुनाव शिवसेना के साथ मिलकर लड़े थे लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर उद्धव ठाकरे ने गठबंधन तोड़ दिया। अमित शाह ने कहा कि उद्धव ने भी गद्दारी की। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे ने हमें धोखा दिया और 2019 में बालासाहेब की विचारधारा को छोड़ दिया। आज आपने उन्हें उनकी जगह दिखा दी है। वह गद्दारी करके मुख्यमंत्री बने थे। शाह ने इस जीत का श्रेय हिंदुत्व और मोदीजी की विकास की राजनीति को दिया। उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं को पार्टी की सफलता का वास्तुकार बताते हुए कहा कि आप पंचायत से संसद तक पार्टी की जीत के मार्गदर्शक हैं। आपको बीजेपी को इतना अजेय बनाना है कि कोई इसे दोबारा धोखा देने की हिम्मत न कर सके।
इंडिया का मनोबल तोड़ दिया
गृहमंत्री शाह ने कहा कि महाराष्ट्र में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत ने विपक्षी गठबंधन इंडिया का मनोबल तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि हमारे विरोधी यह सोच रहे थे कि लोकसभा चुनाव के बाद वे महाराष्ट्र में जीत हासिल करेंगे। आपने उनके इन सपनों को चूर-चूर कर दिया।
महायुति को एकतरफा जीत
भाजपा, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजीत पवार की एनसीपी के महायुति गठबंधन ने महाराष्ट्र की 288 सीटों में से 230 से अधिक सीटें जीतीं। जबकि विपक्षी महाविकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन, जिसमें कांग्रेस, उद्धव ठाकरे की शिवसेना और शरद पवार की एनसीपी शामिल थीं, केवल 46 सीटें जीत सकीं।
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