विक्रमोत्सव 2026 को WOW Live Awards में गोल्ड और सिल्वर अवॉर्ड मिले। 139 दिन चले इस आयोजन ने 17.72 करोड़ लोगों तक पहुंच बनाई और मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर मजबूत किया।

मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा आयोजित विक्रमोत्सव 2026 को इस वर्ष बड़ी उपलब्धि मिली है। नई दिल्ली में 1 और 2 मई 2026 को आयोजित Shows of India Conclave 2026 में इस आयोजन को दो बड़े सम्मान मिले।

विक्रमोत्सव को Cultural Live Event of the Year (Gold Award) और Best Government Integration for a Live Event (Silver Award) से सम्मानित किया गया। यह अवॉर्ड WOW Live Awards के तहत दिए गए। जल्द ही आयोजक टीम भोपाल आकर यह सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंपेगी।

विक्रमोत्सव: दुनिया का सबसे लंबा सांस्कृतिक आयोजन

विक्रमोत्सव को दुनिया का सबसे लंबे समय तक चलने वाला सांस्कृतिक आयोजन माना जाता है। इसमें केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम ही नहीं, बल्कि बिजनेस और सामाजिक गतिविधियां भी शामिल होती हैं। इस कार्यक्रम का आयोजन EVENTFAQS Media द्वारा किया गया, जो इवेंट और एक्सपीरिएंशियल मार्केटिंग का प्रमुख प्लेटफॉर्म है। इस साल 300 से अधिक प्रविष्टियां आईं, जिनका मूल्यांकन विशेषज्ञ जूरी द्वारा किया गया।

मध्यप्रदेश के लिए गौरव का क्षण: संस्कृति को मिला वैश्विक मंच

मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार और शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने कहा कि यह सम्मान पूरे मध्यप्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक प्रस्तुति का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विरासत से विकास” के विजन को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में आगे बढ़ाया जा रहा है। विक्रमोत्सव अब परंपरा, नवाचार और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का बड़ा मंच बन चुका है।

पहले भी मिल चुके हैं कई बड़े अवॉर्ड

विक्रमोत्सव को पिछले वर्षों में भी कई बड़े सम्मान मिल चुके हैं:

  • 2025 में Emax Global Awards से Longest Standing IP of the Year
  • WOW Awards Asia 2025 में Gold Award
  • 2024 में Asia’s Biggest Religious Event Award

यह उपलब्धियां इसकी लगातार बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती हैं।

डिजिटल रिकॉर्ड: 17.72 करोड़ लोगों तक पहुंच

विक्रमोत्सव 2026 ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी नया रिकॉर्ड बनाया।

  • 7 फरवरी से 24 मार्च 2026 के बीच 17.72 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच
  • सोशल मीडिया और लाइव स्ट्रीम के जरिए 47.85 लाख लोगों की सीधी पहुंच
  • यूजर जनरेटेड कंटेंट और हैशटैग्स से 17.24 करोड़ से अधिक डिजिटल रीच

यह आंकड़े आयोजन की व्यापक लोकप्रियता को दर्शाते हैं।

139 दिवसीय आयोजन: संस्कृति, समाज और पर्यावरण का संगम

विक्रमोत्सव 2026 कुल 139 दिनों तक चला। इसकी शुरुआत वर्ष प्रतिपदा से हुई और इसमें जल संरक्षण को लेकर जल गंगा संवर्धन अभियान भी शामिल किया गया।

  • आयोजन की अवधि: 12 फरवरी से 30 जून 2026
  • 41 से अधिक गतिविधियां आयोजित
  • 4000 से अधिक कलाकारों की भागीदारी

पहला चरण महाशिवरात्रि पर प्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम के ‘शिवोऽहम’ कार्यक्रम से पूरा हुआ। दूसरा चरण 19 मार्च से 30 जून तक चला, जिसमें जल संरक्षण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम हुए।

वाराणसी में महानाट्य: सम्राट विक्रमादित्य की गाथा

विक्रमोत्सव के तहत 3 से 5 अप्रैल 2026 को वाराणसी में सम्राट विक्रमादित्य पर आधारित महानाट्य का मंचन किया गया। इसका उद्देश्य उनकी न्यायप्रियता और सुशासन को आम लोगों तक पहुंचाना था।

सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान

विक्रमोत्सव अब केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की पहचान बन चुका है। यह आयोजन परंपरा, संस्कृति और आधुनिकता को जोड़ते हुए राज्य को वैश्विक मंच पर स्थापित कर रहा है। यह उपलब्धि भविष्य में और बेहतर आयोजन करने की प्रेरणा देती है और प्रदेश को सांस्कृतिक क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त करती है।