Spiritual Tourism Growth के तहत उज्जैन में द्वितीय वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन सम्मेलन 'रूह Mantic' का आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री शेखावत ने धार्मिक पर्यटन को वैश्विक केंद्र बनाने पर ज़ोर दिया।
Ujjain Religious Tourism : धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से 27 अगस्त का दिन मध्यप्रदेश के लिए बेहद खास रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय पर्यटन-संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 27 अगस्त को उज्जैन में द्वितीय वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन सम्मेलन 'रूह Mantic' का शुभारंभ किया। इस द्वितीय वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन सम्मेलन में मध्यप्रदेश को धार्मिक पर्यटन का वैश्विक केंद्र बनाने की संकल्पना को और मजबूती दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत आत्म चिंतन के लिए सर्वश्रेष्ठ स्थान है और मध्यप्रदेश को ‘हार्ट ऑफ इंक्रेडिबल इंडिया’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिली है, जिससे प्रदेश में पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
उज्जैन के सिंहस्थ 2028 की तैयारियां जोरों पर
- प्रधानमंत्री मोदी ने देश की आर्थिक प्रगति के साथ धार्मिक पर्यटन के महत्व को स्वीकार किया है। मध्यप्रदेश में श्रीकृष्ण पाथेय जैसे मेगा प्रोजेक्टों को मंजूरी दी गई है। उज्जैन के सिंहस्थ 2028 की तैयारियां जोरों पर हैं, जिससे शहर का आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकास होगा। देश में प्रयागराज, अयोध्या, तिरुपति और वाराणसी जैसे प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल हैं, जिनमें जल्द उज्जैन भी शामिल होगा।
- यह आयोजन भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक पर्यटन के पुनरुत्थान का प्रतीक है, जो न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाएगा।
दुनिया में टॉप-10 धार्मिक पर्यटन शहर में भारत की 4 सिटी
- इस्कॉन उज्जैन के प्रमुख ने कहा कि तीर्थों का विकास करने से पर्यटकों की आध्यात्मिक यात्रा शुरू होती है।
- दुनिया में कई शहर विशेष उद्देश्य से विकसित किए गए हैं। जैसे अमेरिका में लास बेगास, भारत में मुंबई, सूरत और उज्जैन। उज्जैन अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ आगे बढ़ रहा है।
- दुनिया में शीर्ष 10 शहर हैं, जो धार्मिक पर्यटन के लिए पहचान रखते हैं। भारत के 4 शहर- प्रयागराज (20 करोड़ सैलानी प्रति वर्ष), अयोध्या (3 करोड़ सैलानी प्रतिवर्ष), तिरुपति (3 से 4 करोड़ सैलानी प्रतिवर्ष) और वाराणसी इसमें शामिल हैं। हमें उम्मीद है कि बहुत जल्द उज्जैन इस सूची में शामिल हो जाएगा।
- राज्य सरकार ने श्रीकृष्ण पाथेय विकसित करने का संकल्प लिया है।
- भारत की जीडीपी का 2.5 प्रतिशत सिर्फ स्पिरिचुअल टूरिज्म से आता है। इसे बढ़ाने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्य प्रदेश के लिए अनोखा संकल्प
- विश्व में अनेक संस्कृतियों का जन्म हुआ, लेकिन भारतीय संस्कृति आज भी जीवंत है। हमारी संस्कृति ने 2000 साल तक आक्रमण झेला, 200 साल की गुलामी झेली, लेकिन आज भारतीय संस्कृति समृद्ध है।
- आज से ढाई हजार साल पहले दुनिया में जब मानव अपना वजूद खोज रहा था, तब भारत में तीर्थाटन की परंपरा थी। आदि शंकराचार्य ने केरल से पर्सिया तक 24 हजार किलोमीटर की यात्रा कर भारतीय संस्कृति से दुनिया का परिचय कराया।
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन काल की नगरी है। आज का काल भारत का है। दुनिया में जो भारत से प्रतियोगिता कर रहे हैं, वे आज अपने आप को कमजोर मान रहे हैं।
- उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण ने अनेक कलाएं और विद्या ग्रहण कीं। आत्म चिंतन के लिए भारत से अच्छा दुनिया में कोई स्थान नहीं है।
- आज देशों की सीमाएं हो सकती हैं, लेकिन धर्म और संस्कृति की कोई सीमा नहीं हैं। भारतीय संस्कृति ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान तक फैली है।
- उज्जैन में 1000 बीघा जमीन पर बाबा महाकाल का मंदिर बना हुआ है। आनंदपुर धाम में निरंकारी भाव से गुरु महाराज की भक्ति की जा रही है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा-देश में 30 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर
- केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि आज पूरा विश्व प्रथम पूज्य श्रीगणेश की आराधना में लीन है।
- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्य प्रदेश को विकसित राज्य बनाने का संकल्प लिया है।
- विश्व में अनेक संस्कृतियों का जन्म हुआ, लेकिन भारतीय संस्कृति आज भी जीवंत है। हमारी संस्कृति ने 2000 साल तक आक्रमण झेला, 200 साल की गुलामी झेली, लेकिन आज भारतीय संस्कृति समृद्ध है।
- सैकड़ों साल पहले जब इंफ्रास्ट्रक्चर इतना डेवलप नहीं था, तब भी लोग केदारनाथ और बद्रीनाथ तीर्थाटन के लिए जाते थे।
- देश में 30 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। भारत में पिछले साल 250 करोड़ लोगों ने डोमेस्टिक ट्रैवल किया है। यह संख्या 20 प्रतिशत की दर से बढ़ने वाली है।
मध्य प्रदेश में 2024 में 13 करोड़ पर्यटक पहुंचे
- प्रमुख सचिव संस्कृति शिवशेखर शुक्ला ने कहा कि कोविड काल के बाद मध्य प्रदेश में वर्ष 2023 में 11 करोड़, वर्ष 2024 में 13 करोड़ पर्यटक पहुंचे।
- प्रदेश में पर्यटन 20 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से विकास कर रहा है।
- प्रदेश के धार्मिक पर्यटन स्थलों में उज्जैन सबसे ऊपर है, जहां पिछले साल 7 करोड़ लोगों ने दर्शन किए। महाकाल लोक के निर्माण से पर्यटन को नई ऊंचाई मिली है। दूसरे स्थान पर मैहर, फिर अमरकंटक रहा है।
पीएचडी-सीसीआई अध्यक्ष डॉ. रंजीत मेहता ने क्या कहा
- रंजीत मेहता ने बताया बदलते वैश्विक परिदृश्य में उज्जैन में स्पिरिचुअल टूरिज्म कॉन्क्लेव आयोजित करना बड़ी बात है।
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में आध्यात्मिक पर्यटन तेजी से आगे बढ़ रहा है। पूरी दुनिया में उज्जैन की एक अलग पहचान है। हमारी संस्था राज्य सरकार के साथ पर्यटन की सभी संभावनाओं पर कार्य करने के लिए तैयार है।
जानिए क्या बोले संजीव अग्रवाल
- जीव अग्रवाल, अध्यक्ष पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स मध्य प्रदेश चैप्टर ने कहा कि भारत देश प्राचीन समय में स्पिरिचुअल टूरिज्म से ही पहचाना जाता था।
- हमें इसे दोबारा जागृत करना है। प्रदेश में उज्जैन और ओंकारेश्वर में ज्योतिर्लिंग विद्मान हैं। सिंहस्थ के आयोजन को भव्य और दिव्य बनाने के लिए कार्य करेंगे।
आध्यात्मिक पर्यटन सम्मेलन में यह गेस्ट रहे मौजूद
सम्मेलन में इस्कॉन के प्रमुख, पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारी और विभिन्न धार्मिक ट्रस्ट के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर सहित कई तीर्थस्थलों के विकास पर चर्चा हुई, और वेदांत व अद्वैत दर्शन से पर्यटकों को परिचित कराने के लिए योजनाएं तैयार की गईं। प्रदेश में 2023 में 11 करोड़ और 2024 में 13 करोड़ पर्यटक पहुंचे, जिनकी संख्या सालाना 20 प्रतिशत बढ़ रही है।