जयपुर में आयोजित निवेश सेशन में मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीतियों, सस्ती बिजली, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश अवसरों को प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य को निवेश हब बताते हुए उद्योग, स्टार्टअप और टूरिज्म में अपार संभावनाएं बताईं।

जयपुर में आयोजित ‘इंटरएक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट ऑपर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश’ में राज्य के औद्योगिक विकास, निवेश संभावनाओं और नई नीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित उद्योग जगत के कई प्रतिनिधियों ने अपने विचार साझा किए और मध्यप्रदेश को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बताया।

मध्यप्रदेश में निवेश की अपार संभावनाएं: उद्योग और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस

प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के केंद्र में स्थित होने के कारण हर सेक्टर में निवेश और औद्योगिक विकास की असीम संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में 8 एयरपोर्ट हैं और औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए 1 लाख एकड़ भूमि उपलब्ध है। राज्य सरकार ने Ease of Doing Business को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीतियां लागू की हैं, जिनके तहत निवेशकों को 40% तक कैपिटल सब्सिडी दी जा रही है।

नवकरणीय ऊर्जा, कृषि और फूड प्रोसेसिंग में बड़ा अवसर

मध्यप्रदेश ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। कृषि, डेयरी और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में निवेश के व्यापक अवसर हैं। उद्यानिकी फसलों के उत्पादन में राज्य अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

पीएम मित्र पार्क और औद्योगिक क्षेत्रों का तेजी से विकास

धार में टेक्सटाइल सेक्टर के पहले पीएम मित्र पार्क का भूमि-पूजन किया जा चुका है, जहां 1150 एकड़ भूमि निवेशकों को आवंटित की गई है। नर्मदापुरम जिले के बाबई-मोहासा औद्योगिक क्षेत्र में 29 इकाइयों के लिए करीब 52 हजार करोड़ रुपए का निवेश प्राप्त हुआ है। इसके अलावा:

  • सागर में 1500 एकड़ का विशेष औद्योगिक क्षेत्र
  • रतलाम में 1000 एकड़ का मेगा इंडस्ट्रियल पार्क
  • विक्रम उद्योगपुरी और धार इंडस्ट्रियल एरिया में भी निवेश के अवसर
  • सिंगल विंडो सिस्टम और निवेश पोर्टल से आसान प्रक्रिया

राज्य में जन विश्वास अधिनियम लागू किया गया है। निवेशकों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम और इन्वेस्टमेंट पोर्टल शुरू किया गया है, जिससे उद्योग स्थापित करना आसान हुआ है। वॉल्वो जैसी कंपनियां लंबे समय से यहां सफलतापूर्वक कार्य कर रही हैं।

उद्योगपतियों का भरोसा: निवेश और रोजगार में वृद्धि

इन्सुलेशन एनर्जी के चेयरमैन मनीष गुप्ता ने बताया कि उन्होंने बाबई-मोहासा क्षेत्र में 1650 करोड़ रुपए का निवेश किया है, जिससे 1000 लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि यहां सड़क, बिजली और पानी जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं पहले से उपलब्ध हैं और उनकी सोलर सेल यूनिट देश की सर्वश्रेष्ठ इकाइयों में से होगी।

राजस्थान से बढ़ेगा स्टार्टअप निवेश और डेटा सेंटर संभावनाएं

राजस्थान एंजल्स के चेयरमैन महावीर प्रताप शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश में स्टार्टअप निवेश तेजी से बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि एआई युग में डेटा सेंटर के लिए सस्ती बिजली जरूरी है और मध्यप्रदेश में मात्र 4 रुपए प्रति यूनिट बिजली उपलब्ध है, जिससे विदेशी निवेशकों की रुचि बढ़ रही है।

पर्यटन और वन्यजीव सेक्टर में भी तेजी

राजस्थान चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष केएल जैन ने कहा कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास के साथ पर्यटन क्षेत्र भी तेजी से बढ़ रहा है। रीवा में सफेद बाघ और राज्य के वन्यजीव पर्यटन ने वैश्विक पहचान बनाई है। धार्मिक और हेल्थ टूरिज्म में भी राज्य आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव का संबोधन: मध्यप्रदेश-राजस्थान संबंध मजबूत

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजस्थान और मध्यप्रदेश के संबंधों को “रोटी-बेटी और अब पानी का रिश्ता” बताया। उन्होंने कहा कि दोनों राज्य जुड़वा भाइयों की तरह हैं और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए यह सेशन महत्वपूर्ण है।

पीकेसी परियोजना और बुनियादी विकास योजनाएं

मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश-राजस्थान की पीकेसी परियोजना 1 लाख करोड़ रुपए की है, जिसमें 90% लागत केंद्र सरकार वहन करेगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से सूखे क्षेत्रों को पानी मिलेगा और जीवन स्तर में सुधार होगा।

ऊर्जा, मेडिकल और डेयरी सेक्टर में नई पहल

  • मध्यप्रदेश अब बिजली अधिशेष राज्य बन चुका है
  • मेडिकल कॉलेज पीपीपी मॉडल पर 1 रुपए में जमीन देकर खोले जा रहे हैं
  • दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बड़ी गौशालाओं को प्रोत्साहन
  • स्कूली बच्चों को मुफ्त दूध वितरण योजना शुरू

टूरिज्म, एविएशन और वन्यजीव संरक्षण में विस्तार

  • राज्य में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए हेली सेवा शुरू की गई है।
  • एविएशन पॉलिसी के तहत कंपनियों को प्रति फ्लाइट 15 लाख तक वीजीएफ दिया जा रहा है।
  • रीवा में टाइगर सफारी और एयरपोर्ट की सौगात दी गई है।
  • चीतों के पुनर्वास और चंबल में डॉल्फिन संरक्षण जैसे प्रयास भी किए जा रहे हैं।

निवेश के लिए उभरता हुआ केंद्र बन रहा मध्यप्रदेश

कार्यक्रम में सभी वक्ताओं ने एकमत से कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से औद्योगिक, कृषि और सेवा क्षेत्र में विकास कर रहा है। नई नीतियों, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेशक अनुकूल माहौल के चलते राज्य देश के प्रमुख निवेश केंद्र के रूप में उभर रहा है।