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Ganesh Chaturthi 2025: MP के चमत्कारिक ये 2 गणेश मंदिर, जहां पूरी होती हैं हर मनोकामना
Ganesh Chaturthi 2027: मध्य प्रदेश के चमत्कारिक गणेश मंदिरों में दर्शन और भव्य उत्सव। चिंतामन, खजराना और अन्य मंदिरों में भक्तों की मुरादें होती हैं पूरी। जानिए मंदिरों की अनोखी खासियत।
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मध्य प्रदेश में गणेश उत्सव की धूम
Ganesh Chaturthi 2025 के अवसर पर मध्य प्रदेश के मंदिरों में भव्य उत्सव की शुरुआत हो चुकी है। भोपाल, इंदौर और सीहोर के प्रमुख गणेश मंदिरों में भक्त भगवान गणेश के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए उमड़ रहे हैं। दस दिन तक चलने वाले इस उत्सव में श्रद्धालु अपने जीवन की खुशियों और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए विशेष आस्था के साथ शामिल हो रहे हैं।
2000 साल पुरानी स्वयंभू प्रतिमा की महिमा
सीहोर स्थित चिंतामन गणेश मंदिर मध्य प्रदेश के प्राचीन और चमत्कारिक मंदिरों में से एक है। उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य ने लगभग 2000 साल पहले इस मंदिर का निर्माण करवाया था। मंदिर में खड़ी प्रतिमा आधी जमीन में धंसी हुई है और इसे स्वयंभू माना जाता है। भक्तों के अनुसार दर्शन मात्र से ही उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं।
चमत्कारिक आंखें और दूध की धारा
मंदिर की प्रतिमा की आंखों में पहले हीरे जड़े हुए थे, जो चोरी हो गए। इसके बाद प्रतिमा की आंखों से 21 दिन तक दूध बहता रहा। भगवान ने पुजारी को स्वप्न में दर्शन देकर चांदी के नेत्र लगाने का निर्देश दिया। यह चमत्कारिक घटना मंदिर की महिमा और भक्तों की आस्था को और मजबूत करती है।
मन्नत मांगने का अनोखा तरीका
भक्त अपने मनोकामना पूरी होने के लिए मंदिर की दीवार पर उल्टा स्वास्तिक बनाते हैं। मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु वापस आकर सीधा स्वास्तिक बनाते हैं। यह परंपरा मंदिर की सांस्कृतिक और धार्मिक महत्ता को दर्शाती है और भक्तों में आस्था और विश्वास को मजबूत करती है।
खजराना गणेश मंदिर-इंदौर
खजराना गणेश मंदिर इंदौर में देवी अहिल्याबाई होलकर ने 1735 में निर्माण करवाया था। मंदिर की प्रतिमा को उठाना या हिलाना असंभव है। यहां दर्शन मात्र से भक्तों की मनोकामना पूरी होती है। यह मंदिर स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय श्रद्धालुओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन चुका है।
भक्तों की अनोखी प्रार्थना विधि
भक्त मंदिर में चक्कर लगाकर भगवान गणेश के सामने प्रार्थना करते हैं और धागा बांधते हैं। कुछ ही दिनों में उनकी मुराद पूरी होती है। मन्नत पूरी होने पर भक्त वापस आकर भगवान को धन्यवाद देते हैं। यह परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है और मंदिर की खासियत को दर्शाती है।
गणेश चतुर्थी पर भव्य मेला
गणेश चतुर्थी के दौरान मंदिरों में भव्य मेले का आयोजन होता है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं और भगवान गणेश के दर्शन कर अपनी खुशहाली और सुख-शांति की कामना करते हैं। यह मेले धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण हैं।
दर्शन मात्र से पूरी होती हैं मनोकामनाएं
मध्य प्रदेश के चिंतामन, खजराना और अन्य गणेश मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आश्चर्य और भक्ति का केंद्र हैं। गणेश चतुर्थी के अवसर पर इन मंदिरों में दर्शन मात्र से जीवन में खुशहाली आती है। भक्त अपने मन की मुराद पूरी होते हुए अनुभव करते हैं और भगवान गणेश के आशीर्वाद के साथ लौटते हैं।