Bhopal Muslim Controversy: भोपाल सांसद आलोक शर्मा का बयान, "भोपाल मुसलमानों का नहीं है", कांग्रेस-बीजेपी में सियासी जंग, कांग्रेस ने पलटवार किया, मंत्री विश्वास सारंग ने समर्थन किया। शहर का इतिहास और लव जिहाद ने बढ़ाई हलचल। पूरी खबर पढ़ें।
Bhopal MP Alok Sharma Statement: भोपाल सांसद आलोक शर्मा के हालिया बयान ने एक बार फिर से सियासी गर्मी बढ़ा दी है। सांसद ने कहा कि भोपाल सिर्फ मुसलमानों का नहीं है, बल्कि यह सम्राट अशोक, राजा भोज और रानी कमलापति का भी गौरवशाली शहर है। उनके इस बयान ने कांग्रेस और मुस्लिम समाज दोनों में प्रतिक्रिया पैदा कर दी। कांग्रेस ने इसे देश-विरोधी और संविधान-विरोधी करार दिया, वहीं मंत्री विश्वास सारंग ने सांसद का समर्थन किया। साथ ही आलोक शर्मा ने लव जिहाद पर भी कड़ा रुख अपनाने की बात कही।
क्या वास्तव में भोपाल सिर्फ मुसलमानों का है?
सांसद आलोक शर्मा का कहना है कि भोपाल का इतिहास गौरवशाली है। यह शहर परमार वंश के राजा और रानी कमलापति का है। इसके अलावा सम्राट अशोक की विरासत भी यहाँ जुड़ी हुई है। मुस्लिम समाज ने इस बयान पर आपत्ति जताई है और कहा कि इस तरह के बयानों से समुदाय में असमंजस और तनाव पैदा होता है।
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कांग्रेस की तीखी प्रतिक्रिया क्यों?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि सांसद आलोक शर्मा का बयान न सिर्फ असंवेदनशील है, बल्कि देश और संविधान के खिलाफ भी है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सांसद सिर्फ बयानबाजी कर रहे हैं या वास्तव में भोपाल के हर नागरिक का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। कांग्रेस ने इसे देश-विरोधी और अंबेडकर-विरोधी मानसिकता वाला बयान बताया।
विश्वास सारंग ने क्यों दिया समर्थन?
कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने आलोक शर्मा के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि नवाबों और मुगलों का भोपाल पर कोई हक नहीं रहा। उनका कहना है कि यह शहर नवाबों का नहीं, बल्कि राजा भोज और रानी कमलापति का है। उन्होंने इतिहास और शहर की गौरवशाली विरासत का हवाला देकर बीजेपी सांसद की बात को सही ठहराया।
क्या लव जिहाद पर नया रुख अपनाया जाएगा?
आलोक शर्मा ने अपने बयान में लव जिहाद को लेकर भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि शारिक मछली से लेकर प्यारे मियां तक के उदाहरणों पर निगरानी रखी जाएगी और अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह बयान शहर में राजनीतिक और सामाजिक हलचल को और तेज़ कर रहा है।
भोपाल का भविष्य: राजनीति या इतिहास की लड़ाई?
भोपाल में अब सियासी और सामाजिक तनाव दोनों बढ़ चुके हैं। सांसद के बयान ने शहर के इतिहास, नागरिक अधिकार और समुदायों के बीच नए सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या भोपाल केवल इतिहास का गौरव है, या इसकी पहचान हर नागरिक की है? यह सवाल अब हर राजनीतिक दल और आम जनता के बीच चर्चा का केंद्र बन चुका है।
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