IPS को थप्पड़, कलेक्टर को मुक्का…भिंड के दबंग विधायक नरेंद्र कुशवाहा का विवादित वीडियो वायरल! रेत माफिया कनेक्शन, आपराधिक केस और सत्ता के खेल ने मचाई सनसनी। क्या प्रशासन MLA पर कड़ी कार्रवाई करेगा?
Bhind MLA Narendra Kushwaha News: मध्य प्रदेश की राजनीति एक बार फिर सुर्खियों में है, और वजह हैं भिंड के दबंग विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा। एक वायरल वीडियो में वे भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव पर मुक्का तानते नज़र आ रहे हैं। इससे पहले भी उन पर एक IPS अधिकारी को थप्पड़ मारने का आरोप लग चुका है। आइए जानते हैं कि कौन हैं ये विधायक और कितना पढ़ें लिखे हैं, जो सीधे आईएएस और आईपीएस पर हाथ उठाने में तनिक भी गुरेज नहीं करते। आखिर इनका विवादों से इतना गहरा रिश्ता क्यों है?
IPS को थप्पड़ और कलेक्टर संग भिड़ंत: भिंड में क्या हो रहा है?
भिंड विधायक का विवादों से पुराना नाता है। 2012 में उन पर तत्कालीन एएसपी जयदेवन ए को थप्पड़ मारने का आरोप लगा था। यह घटना उस समय की है जब पुलिस शराब और रेत कारोबार के खिलाफ कार्रवाई कर रही थी। अब हालिया विवाद खाद की किल्लत से शुरू हुआ लेकिन चर्चा रेत माफिया पर पहुंच गई। कलेक्टर आवास पर धरने के दौरान विधायक और कलेक्टर के बीच बहस हुई। कहा जाता है कि कलेक्टर ने उन्हें “औकात में रहकर बात करने” की सलाह दी, जिस पर विधायक भड़क उठे। विधायक ने पलटकर कलेक्टर को “सबसे बड़ा चोर” तक कह दिया। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
क्या रेत कारोबार विवाद का असली कारण है?
स्थानीय सूत्र बताते हैं कि कलेक्टर ने विधायक के क्षेत्र में रेत चोरी रोकने के लिए दो चेकिंग नाके लगवाए हैं। यही विवाद का मुख्य कारण माना जा रहा है। कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव का कहना है कि “रेत चोरी मैं चलने नहीं दूंगा।” वहीं विधायक का आरोप है कि यह कार्रवाई केवल उनके क्षेत्र को टारगेट कर रही है।
कितना पढ़े लिखे हैं दबंग विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा?
2023 विधानसभा चुनाव के हलफनामे के अनुसार कुशवाहा 12वीं पास हैं। हालांकि उन्होंने ग्रेजुएशन का पहला साल किया लेकिन पढ़ाई पूरी नहीं हुई। भिंड में उनकी छवि एक बेबाक और दबंग नेता की है, जो अधिकारियों से सीधे टकराने से पीछे नहीं हटते।
कब से विधायक हैं नरेंद्र सिंह कुशवाहा?
नरेंद्र कुशवाहा 2003, 2013 और 2023 में भिंड विधानसभा से चुनाव जीत चुके हैं। वे सत्ताधारी पार्टी का हिस्सा हैं, लेकिन सरकार पर सवाल उठाने से कभी नहीं कतराते। यही कारण है कि उनकी छवि विवादित होने के बावजूद मजबूत मानी जाती है।
आपराधिक मामलों का लंबा रिकॉर्ड
हलफनामे के अनुसार कुशवाहा पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें लोकसेवक पर हमला, अपहरण, मारपीट और एससी-एसटी एक्ट जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। उन्हें एक मामले में छह महीने की सजा भी हो चुकी है। इसके बावजूद वे लगातार चुनाव जीतते आए हैं।
IAS एसोसिएशन नाराज
कलेक्टर संग इस घटना को लेकर IAS एसोसिएशन बेहद नाराज है। एसोसिएशन ने इस मामले को मुख्यमंत्री तक ले जाने का फैसला किया है। सवाल उठता है कि क्या इस बार विधायक पर कोई कड़ी कार्रवाई होगी या यह मामला भी ठंडे बस्ते में चला जाएगा?