Shibu Soren funeral: झारखंड आंदोलन के प्रणेता, पूर्व सीएम और राज्यसभा सांसद 'दिशोम गुरु' शिबू सोरेन का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ रामगढ़ जिले के उनके पैतृक गांव नेमरा में किया गया। अंतिम विदाई में राहुल गांधी समेत कई नेता मौजूद रहे।
Hemant Soren emotional farewell: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु शिबू सोरेन के पार्थिव शरीर के पंचतत्व में विलीन होने के साथ ही झारखंड में एक युग का अंत हो गया। दिवंगत शिबू सोरेन का अंतिम संस्कार रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड स्थित उनके पैतृक गांव नेमरा में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अपने पिता के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया। इस दौरान सभी की आंखें नम थीं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव आज गोला रामगढ़ स्थित नेमरा पहुंचे और शिबू सोरेन के अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
अंतिम जोहर में उमड़ा जनसैलाब
इससे पहले, दिवंगत शिबू सोरेन के पार्थिव शरीर को रांची के मोरहाबादी स्थित उनके आवास से उनके पैतृक गांव नेमरा में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। यहां हज़ारों लोगों ने भावुक और नम आंखों से "गुरुजी" को अंतिम विदाई दी। आम हो या ख़ास, स्वर्गीय शिबू सोरेन के अंतिम संस्कार के लिए नेमरा गांव में भारी भीड़ उमड़ी थी। राज्य के कोने-कोने से लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए आए थे। विशिष्ट से लेकर आम आदमी तक, हर कोई इसमें शामिल था। सभी ने झारखंड राज्य के प्रणेता, मार्गदर्शक और संरक्षक दिशोम गुरु जी को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान सभी का मन दुखी, व्यथित और आंखें नम थीं।

नेमरा में गमगीन माहौल
दिशोम गुरु शिबू सोरेन की अंतिम विदाई के लिए गांव के हर घर से लकड़ियां भेजी गईं। दरअसल, दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी के निधन की सूचना मिलते ही उनके पैतृक गांव नेमरा में मातम और सन्नाटा पसर गया था। हर कोई गमगीन था। घरों में चूल्हे तक नहीं जल रहे थे। आज जैसे ही दिशोम गुरुजी का पार्थिव शरीर उनके पैतृक घर पहुंचा, पूरा नेमरा रो पड़ा। राज्य के दूर-दराज इलाकों से आए परिजनों और रिश्तेदारों की आँखों से आँसू बह रहे थे। सभी ने दिशोम गुरुजी को नमन किया और उन्हें अंतिम विदाई दी।
हेमंत सोरेन ने चिता को मुखाग्नि दी
उनके पुत्र और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चिता को मुखाग्नि दी। जैसे ही चिता जलने लगी, हेमंत और उनके भाई बसंत सोरेन अपने आंसू नहीं रोक पाए। शवयात्रा जैसे ही श्मशान घाट पहुँची, मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, लेकिन इसके बावजूद भीड़ पीछे नहीं हटी। लोगों ने बारिश में भीगते हुए अपने नेता को अंतिम विदाई दी। जैसे ही पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया, वहां मौजूद हर आंख नम हो गई। अंतिम संस्कार से पहले, सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। तिरंगे में लिपटा उनका पार्थिव शरीर जैसे ही नेमरा पहुंचा, ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी।
ढोल-नगाड़ों और नारों की गूंज के बीच अंतिम यात्रा
ढोल-नगाड़ों की गूंज और 'वीर शिबू सोरेन अमर रहे' के नारों के बीच अंतिम यात्रा निकाली गई। सड़कों और घाटों पर इतनी भीड़ थी कि पैर रखने की भी जगह नहीं थी। इस मौके पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम, राजद के तेजस्वी यादव, पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव, टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन समेत विभिन्न दलों के वरिष्ठ नेता मौजूद थे। पप्पू यादव ने उन्हें संघर्ष का प्रतीक बताया और भारत रत्न देने की मांग की।
विधानसभा में राजकीय सम्मान के साथ दी गई श्रद्धांजलि
अंतिम यात्रा सोमवार सुबह 10:45 बजे मोरहाबादी स्थित आवास से शुरू हुई। शवयात्रा सबसे पहले झारखंड विधानसभा पहुंची, जहां राजकीय सम्मान के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। सोमवार शाम से मंगलवार सुबह तक यहां हजारों लोगों ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी। 81 वर्षीय शिबू सोरेन का सोमवार सुबह निधन हो गया। राज्य सरकार ने उनके निधन पर तीन दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की है।