Haridwar Mansa Devi Temple Accident : उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर में रविवार सुबह भगदड़ मचने से 6 लोगों की जान चल गई और कई घायल हुए हैं। यह हादसा मंदिर की सीढ़ियां चढ़ते वक्त करंट फैलने की वजह से हुआ।  

Stampede at Mansa Devi Haridwar : करनाल/हरिद्वार. संडे सुबह हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में बड़ा हादसा हो गया। यहां देवी मां के दर्शन करने जा रहे भक्तों के बीच भगदड़ मच गई। जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 29 लोग घायल बताए जा रहे हैं। यह मंदिर शिवालिक पहाड़ियों पर बिल्व पर्वत पर स्थित है। जहां पहुंचने के लिए 800 सीढ़ियां चढ़नी होती हैं। भक्त लाइन में लग सीढ़ियां चढ़ रहे थे तभी वहां से निकले तारों में करंट आ गया, जिसे कुछ लोगों ने टच कर लिया। इससे अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते लोग चीखते हुए सीढ़ियों पर गिरने लगे...जिससे उनकी जान चली गई। आइए इसी बीच जानते हैं हरियाणा के उस चमत्कारिक मनसा देवी मंदिर के बारे में, जहां पांडवों को महाभारत युद्ध के लिए जीत का वरदान मिला था...

करनाल के सालवन गांव में है यह मनसा देवी मंदिर

वैसे तो देशभर में मनसा देवी की कई मदिंर हैं, लेकिन यह मंदिर बेहद खास है, जो कि करनाल जिले सालवन गांव में स्थित है। जिसकी दूरी सालवन बस स्टैंड से लगभग एक किलोमीटर है। यानि आसानी से यहां पहुंचा जा सकता है। यह मंदिर काफी प्राचीन है, जिसे लोग दशाश्वमेध तीर्थ नाम से भी जानते हैं। यहां एक प्राचीन शिवलिंग भी स्थापित हैं, सावन के महीने में यहां शिव भक्तों की काफी भीड़ उमड़ती है। वहीं नवरात्रों में यहां देवी भक्तों का सैलाब भी देखने को मिलता है।

इसी मंदिर में मिला था महाभारत युद्ध की जीत का वरदान 

बता दें कि इस मंदिर का महाभारत काल से कनेक्शन है। इसे पांडवों का मंदिर भी कहा जाता है। यहीं से उन्हें महाभारत युद्ध में जीत का वरदान मिला था। मीडिया रिपोर्ट के मुतबिक, सालवन गांव के मनसा देवी की स्थापना युधिष्ठिर ने की थी। उन्होंने महाभारत युद्ध से पहले यहां देवी पूजा की थी। जहां युधिष्ठिर ने देवी मां से युद्ध में जीत का वरदान भी मांगा था। जिसके फलस्वरूप वह महाभारत के युद्ध में विजयी हुए थे। हालांकि इस बारे में लोगों की अलग-अलग मान्यताएं हैं। asianetnews इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।