Saurabh Bhardwaj Net Worth : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने AAP नेता और अरविंद केजरीवाल वाली सरकार में मंत्री रहे सौरभ भारद्वाज के घर पर छापेमारी की। वहीं ईडी की रेड के बाद आप पार्टी के नेताओं ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है।
Ed conducted Raid On Saurabh Bhardwaj : आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज के घर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार सुबह 13 और ठिकानों पर छापेमारी की। उन पर हॉस्पिटल कंस्ट्रक्शन में करप्शन करने का आरोप लगा है। आइए इस मौके पर जानते हैं कि दिल्ली के पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज के पास कुल कितनी संपत्ति है और पांच साल में उनकी इनकम कितनी बढ़ी।
कितनी है सौरभ भारद्वाज की टोटल नेटवर्थ
सौरभ भारद्वाज ने साल 2025 के विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग में दाखिल किए गए एफिडेविट में अपनी कुल चल संपत्ति बताई थी। पिछले पांच सालों में उनके आय में मामूली वृद्धि देखी गई है। चुनावी हलफनामे के अनुसार उनकी कुल संपत्ति लगभग 1.48 करोड़ रुपए है, जो उनकी पिछली संपत्ति की तुलना में लगभग 5 लाख रुपए बढ़ी है। देनदारी भी 4.63 लाख रुपए दर्ज है। उनका दिल्ली में एक पुश्तैनी घर भी है, जिसकी अनुमानित क़ीमत 76 लाख रुपय बताई जाती है। उनके नाम से एक कार भी रजिस्ट्रर है। बता दें कि भारद्वाज ने आम आदमी के टिकट पर ग्रेटर कैलाश विधानसभा सीट से अपना नामांकन भरा था।
कौन हैं सौरभ भारद्वाज
- सौरभ भारद्वाज की गिनती आम आदमी पार्टी के सीनियर नेताओं में होती है।
- सौरभ भारद्वाज दिल्ली विधानसभा में ग्रेटर कैलाश निर्वाचन क्षेत्र का 3 बार प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
- सौरभ भारद्वाज अरविंद केजरीवाल सरकार में दिल्ली जल बोर्ड के अध्यक्ष और स्वास्थ्य, शहरी विकास एवं जल संसाधन मंत्री भी रह चुके हैं।
- सौरभ भारद्वाज मूलरूप से दिल्ली के रहने वाले हैं। उनका जन्म 12 दिसंबर 1979 को हुआ है।
- सौरभ भारद्वाज ने आटी कंपनी से इस्तीफा देकर साल 2013 में आम आदमी पार्टी ज्वॉइन की थी।
- 2025 में सौरभ भारद्वाज में विधायक का चुनाव हार गए। उन्हें भाजपा की शिखा राय ने हराया।
- दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के जेल जाने के बाद पार्टी ने उन्हें दिल्ली का स्वास्थ्य मंत्री बनाया था।
सौरभ भारद्वाज कितने पढ़े लिखे?
आप नेता सौरभ भारद्वाज ग्रेजुएट हैं। उन्होंने 2011 में उस्मानिया विश्वविद्यालय हैदराबाद से एल.एल.बी. किया है। इसके अलावा 2003 में इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, दिल्ली से कंप्यूटर इंजीनियरिंग में बी.टेक. की डिग्री हासिल की हुई है। वह राजनीति में आने से पहले बतौर सॉफ्टवेयर कंसल्टेंट काम कर चुके हैं।