सार
पूर्व IPS अधिकारी शिवदीप लांडे के राजनीति में आने की अटकलें तेज हो गई हैं। सोशल मीडिया पोस्ट और जन सुराज से जुड़ने की संभावनाओं ने बिहार की सियासत में हलचल मचा दी है। जानिए पूरा मामला।
Shivdeep Lande: बिहार के पूर्व IPS अधिकारी शिवदीप लांडे एक बार फिर चर्चा में हैं। 13 जनवरी को उनका इस्तीफा मंजूर होने के बाद से वह लगातार सोशल मीडिया पर ऐसे पोस्ट कर रहे हैं, जिससे उनके राजनीति में आने की अटकलें तेज हो गई हैं। ऐसे में सवाल उठ रहें हैं कि लोगों के बीच अपनी कड़क छवि और जनसेवा के लिए मशहूर रहे लांडे अब किस राह पर चलने वाले हैं?
पूर्णिया रेंज का आईजी बनने के 13 दिन बाद दिया इस्तीफा
6 सितंबर 2024 को शिवदीप लांडे को पूर्णिया रेंज का IG बनाया गया था। लेकिन मात्र 13 दिन बाद यानी 19 सितंबर 2024 को उन्होंने इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे को काफी समय तक मंजूर नहीं किया गया था। लोग उम्मीद कर रहे थे कि वह अपना फैसला बदल सकते हैं। लेकिन जनवरी 2025 में आखिरकार उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। जानकारों का कहना है कि उन्होंने सोच-समझकर इस्तीफा दिया और अब उनका अगला कदम राजनीति हो सकती है।
सोशल मीडिया पोस्ट कर रहें इशारा
दरअसल, शिवदीप लांडे की राजनीति में एंट्री की चर्चा यूं ही नहीं हो रही है, बल्कि उनके सोशल मीडिया पोस्ट इस तरफ इशारा कर रहे हैं। उन्होंने एक तस्वीर शेयर की है, जिसमें वह नदी किनारे खड़े होकर सूर्य को प्रणाम कर रहे हैं। खास बात यह है कि इस तस्वीर में बिहार का नक्शा भी बना हुआ है। बीते 10 फरवरी को उन्होंने एक और पोस्ट किया, जिसमें लिखा था—"वर्दी नहीं, लेकिन हौसले वही"। इसे उनके साफ इशारे की तरह माना जा रहा है कि भले ही उन्होंने पुलिस की नौकरी छोड़ दी हो, लेकिन उनकी लड़ाई जारी रहेगी। आने वाले दिनों में यह तस्वीर और साफ हो सकती है।
"जन सुराज" से जुड़ने की अटकलें
मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि शिवदीप लांडे प्रशांत किशोर के जन सुराज अभियान से जुड़ सकते हैं। आपको बता दें कि महशूर रणनीतिकार प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज दावा करती है कि उसका लक्ष्य बिहार में एक नई राजनीतिक व्यवस्था खड़ी करना है। ऐसे में कहा जा रहा है कि यदि लांडे इससे जुड़ते हैं, तो बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव दिख सकता है। आपको बता दें कि शिवदीप लांडे को बिहार का "सिंघम IPS" कहा जाता है। अपराधियों पर सख्ती और उनकी तेज-तर्रार पुलिस अधिकारी की इमेज ने जनता के बीच उन्हें एक अलग पहचान दिलाई।