सार

बिहार में भूमि सर्वेक्षण के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी नौकरी छोड़ रहे हैं। दरभंगा में 10 कर्मियों ने इस्तीफा दिया, जबकि बांका और समस्तीपुर के 74 कर्मचारियों को अन्यत्र नौकरी मिलने पर NOC जारी किया गया।

बिहार भूमि सर्वेक्षण: बिहार में भूमि सर्वेक्षण के बीच सर्वेक्षण कर्मी अपनी नौकरी छोड़ रहे हैं। सेवा छोड़ने वालों की संख्या काफी अधिक है। 17 जनवरी को एक साथ 10 भूमि सर्वेक्षण कर्मियों का इस्तीफा स्वीकार किया गया है। भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय ने 10 का इस्तीफा स्वीकार किया है, जबकि 74 कर्मियों को एनओसी जारी किया गया है। इस तरह एक दिन में 84 सर्वेक्षण कर्मियों ने नौकरी छोड़ दी। जिसका पत्र राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जारी कर दिया है।

दरभंगा के 10 कर्मियों ने दिया इस्तीफा

बंदोबस्त कार्यालय दरभंगा में पदस्थापित 10 भूमि सर्वेक्षण अमीनों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय ने बंदोबस्त पदाधिकारी दरभंगा की अनुशंसा को स्वीकार करते हुए पत्र जारी किया है। इन संविदा कर्मियों के त्यागपत्र की स्वीकृति विश्वविद्यालय से प्राप्त शैक्षणिक प्रमाण पत्र के सत्यापन प्रतिवेदन से प्रभावित होगी। शैक्षणिक प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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बांका-समस्तीपुर के 74 कर्मचारी बने जेई

वहीं, बांका बंदोबस्त कार्यालय में कानूनगो और अमीन समेत कुल 47 सर्वेक्षण कर्मचारियों को भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया गया है। इन सभी का चयन बिहार तकनीकी सेवा आयोग द्वारा कनीय अभियंता के पद पर किया गया है। काउंसलिंग के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। जिसे भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय की ओर से जारी कर दिया गया है।

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वहीं, समस्तीपुर बंदोबस्त कार्यालय में कार्यरत विशेष सर्वेक्षण कर्मचारियों, जिनकी संख्या 27 है, को भी अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है। इन सभी का चयन तकनीकी सेवा आयोग की ओर से कनीय अभियंता के पद पर किया गया है। काउंसलिंग के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र की मांग की गई थी। जिसके बाद भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय ने यह प्रमाण पत्र जारी कर दिया है।