सार
पटना न्यूज: छात्रों को सरकारी नौकरी की परीक्षा की तैयारी कराने वाले फैजल खान उर्फ खान सर ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) में अपना आपा खो दिया है। खान सर ने आज फर्स्ट बिहार से खास बातचीत में कहा- BPSC ने मुझे लीगल नोटिस भेजकर माफी मांगने को कहा है। हम BPSC से माफी नहीं मांगेंगे, चाहे मेरे खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज हो और मुझे दो साल की सजा हो जाए। मैं जेल जाने को भी तैयार हूं।
क्यों भड़के खान सर
दरअसल BPSC का लीगल नोटिस मिलने के बाद खान सर भड़क गए हैं। BPSC ने उन्हें लीगल नोटिस भेजकर सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने को कहा है। BPSC का कहना है कि खान सर ने बेबुनियाद आरोप लगाए हैं, जिनमें कोई तथ्य नहीं है। इसलिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए वरना उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। खान सर के अलावा बिहार लोक सेवा आयोग ने गुरु रहमान और प्रशांत किशोर जैसे लोगों को लीगल नोटिस भेजा है। इसमें कहा गया है कि आप BPSC की 70वीं परीक्षा को लेकर लगाए जा रहे आरोपों का सबूत पेश करें या सार्वजनिक तौर पर माफी मांगें।
मैं मरने को तैयार हूं
खान सर ने आज फर्स्ट बिहार से बात करते हुए कहा कि अगर BPSC ने लीगल नोटिस भेजा है तो हम उसका जवाब देंगे। लेकिन इस लीगल नोटिस में बिहार लोक सेवा आयोग से बिना शर्त और बिना शर्त सार्वजनिक माफ़ी मांगने की बात कही गई है। खान सर ने कहा है- मैं मरने को तैयार हूं लेकिन माफ़ी नहीं मांगूंगा। मैंने बच्चों के लिए लड़ाई लड़ी है। मेरी अपनी कोई लड़ाई नहीं है। अगर बच्चे कहेंगे कि माफ़ी मांग लीजिए तो हम माफ़ी मांग लेंगे। लेकिन हम जानते हैं कि बच्चे कभी भी स्वाभिमान से समझौता नहीं करेंगे। इसलिए हम माफ़ी नहीं मांगेंगे। बल्कि बिहार लोक सेवा आयोग को मुझसे और बच्चों से माफ़ी मांगनी चाहिए।
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मैं जेल जाने को तैयार हूं
खान सर ने कहा कि लीगल नोटिस में कहा गया है कि अगर माफ़ी नहीं मांगते हैं तो इस नोटिस के अनुसार आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। BPSC मेरे खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करे। मुझे दो साल की सजा दिलवाए। हम दो साल जेल में बिताएंगे। 2025, 2026 के बाद हम 2027 में जेल से बाहर आ जाएंगे। लेकिन हम BPSC से माफ़ी नहीं मांगेंगे।
बीपीएससी को मेरे सभी पते नहीं पता
खान सर ने कहा कि बीपीएससी ने मेरे पांच कोचिंग सेंटर के पते पर लीगल नोटिस भेजा है। पटना और दिल्ली के दो-दो सेंटर के अलावा प्रयागराज का एक कोचिंग सेंटर भी इसमें शामिल है। खान सर ने कहा कि बीपीएससी को शायद यह नहीं पता कि देहरादून में भी कोचिंग खुली है, इसलिए उसने वहां लीगल नोटिस नहीं भेजा। खान सर ने कहा कि बिहार लोक सेवा आयोग ने अपने लीगल नोटिस में मुझ पर बच्चों को भड़काने का आरोप लगाया है। यह पूरी तरह गलत है।
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बीपीएससी ने खुद दिए अलग-अलग बयान
हकीकत यह है कि बीपीएससी ने खुद ही अलग-अलग बयान देकर बच्चों को भड़काया है। बीपीएससी ने नॉर्मलाइजेशन की बात कही थी खान सर ने कहा कि बीपीएससी ने शिक्षकों की एक बैठक बुलाई थी। उस बैठक में आयोग यह बताना चाहता था कि वह नॉर्मलाइजेशन करने जा रहा है। और उनके अनुसार यह एक साफ-सुथरा तरीका है। शुरुआत में बीपीएससी ने 38 जिलों में अलग-अलग पेपर होने और उसके आधार पर नॉर्मलाइजेशन की बात कही थी, लेकिन उसी बैठक में शिक्षकों ने कहा कि नॉर्मलाइजेशन से काफी परेशानी होगी। तब बीपीएससी ने कहा कि यह व्यवस्था 3-4 पेपर में ही होगी। शिक्षकों ने बीपीएससी से कहा था कि पहले बच्चों से बात करें। फिर उन्होंने कहा था कि वे बच्चों से बात करेंगे। लेकिन आयोग ने एक नहीं सुनी और सामान्यीकरण को जबरन थोपना चाहा।