सार
अररिया में शिक्षा विभाग ने ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज नहीं कराने वाले शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा, जिसमें मृत और सेवानिवृत्त शिक्षक भी शामिल थे।
अररिया न्यूज: बिहार के अररिया जिले में शिक्षा विभाग का कारनामा देखने को मिला। जो अब सुर्खियां बटोर रहा है। दरअसल, शिक्षा विभाग ने ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले 1024 शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा था। लेकिन भेजी गई सूची में मृत और सेवानिवृत्त शिक्षक भी शामिल हैं।
शिक्षा विभाग की लापरवाही
अररिया जिले में डीपीओ स्थापना रवि रंजन ने ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले 1024 शिक्षकों को शो कॉज भेजा था। जिसमें मृत शिक्षक भी शामिल हैं। मृत शिक्षक से भी स्पष्टीकरण मांगा गया था। ऐसे शिक्षकों के नाम पोर्टल से नहीं हटाए गए हैं, जिसके कारण यह समस्या हो रही है। हैरानी की बात यह है कि डीईओ कार्यालय में मृत शिक्षकों का डाटा भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यह विभाग की घोर लापरवाही है जो इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है।
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किन लोगों से मांगा गया स्पष्टीकरण
बीबी नाहर, अंतेश कुमार सिंह, देवानंद मंडल, मनोज कुमार पटवे, परमानंद ऋषिदेव, मंजूर आलम, नसीम अख्तर, विश्वबंधु ठाकुर, अफसाना खातून, मो. कासिम और सादिक अनवर की मौत 2024 में ही हो चुकी है। इसके बावजूद स्कूल नहीं आने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके अलावा रिटायर्ड शिक्षक को भी शो कॉज भेजा गया है। सोशल मीडिया पर लोग इसका मजाक उड़ा रहे हैं। पूछ रहे हैं कि क्या कब्र में दफन मुर्दे भी अब जवाब देंगे।
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