सार

Bihar Sharab News: पटना में शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने के लिए जिलाधिकारी और SSP ने बैठक की। जब्त शराब को जल्‍द नष्‍ट करने के निर्देश दिए गए। 

Bihar Sharab News: बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद प्रशासन इसकी सख्त निगरानी कर रहा है। पटना में शराब से जुड़े मामलों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी (DM) डॉ. चन्द्रशेखर सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अवकाश कुमार ने कई सख्त निर्देश दिए हैं। बैठक में मद्य-निषेध से संबंधित लंबित मामलों पर चर्चा हुई, जिसमें जब्त शराब के विनष्टीकरण और वाहनों की नीलामी को प्राथमिकता देने का आदेश दिया गया।

शराबबंदी मामलों की हुई गहन समीक्षा

पटना के समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जिलाधिकारी और SSP द्वारा मद्य-निषेध मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। इसमें जिले में जब्त शराब और वाहनों की स्थिति पर चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि शराबबंदी के तहत जब्त की गई शराब को जल्द से जल्द नष्ट किया जाए।

प्रशासनिक अधिकारियों को दिए गए ये निर्देश

अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जब्त किए गए वाहनों का मूल्यांकन और नीलामी की प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए। इसके अलावा, लंबित मामलों की थानावार समीक्षा कर जल्द निष्पादन करने का आदेश दिया गया।

शराब जल्द नष्ट करने पर जोर

बैठक में निर्णय लिया गया कि जब्त शराब को बिना देरी के नष्ट किया जाएगा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि देशी शराब को 10 दिनों के अंदर और विदेशी शराब को 15 दिनों के अंदर नष्ट करना होगा।

जब्त वाहनों की नीलामी में तेजी लाने के निर्देश

शराब तस्करी में जब्त किए गए वाहनों की नीलामी और अधिहरण प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। जिन वाहनों की जब्ती 30 दिनों से अधिक हो चुकी है, उनके लिए तत्काल मूल्यांकन और नीलामी करने का आदेश दिया गया।

जब्‍त शराब तबाह करने को चलेगा स्‍पेशल ड्राइव

जिलाधिकारी ने आदेश दिया कि जिन थानों में 1,000 लीटर से अधिक शराब जब्त पड़ी है, वहां स्पेशल ड्राइव चलाकर इसे तुरंत नष्ट किया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अगर कोई थाना या अधिकारी शराब के विनष्टीकरण में देरी करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को नियमित रूप से छापेमारी करने, अवैध शराब बेचने वालों की गिरफ्तारी करने और जब्त किए गए पदार्थों का रिकॉर्ड रखने का आदेश दिया गया।

सप्ताह में दो दिन नष्ट की जाएगी जब्त शराब

थानों में शराब विनष्टीकरण के लिए सप्ताह में दो दिन तय किए गए हैं, जिनमें दंडाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को तैनात किया जाएगा। प्रशासन ने निर्देश दिया है कि जब्त शराब को अधिकतम एक महीने के भीतर नष्ट कर दिया जाना चाहिए।

पौने दो लाख लीटर जब्त शराब अभी तक नहीं की गई तबाह

समीक्षा के दौरान पाया गया कि लगभग 1.75 लाख लीटर शराब अभी भी विनष्टीकरण के लिए लंबित है। जिलाधिकारी ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई और जल्द से जल्द इसे नष्ट करने के आदेश दिए। बैठक में पाया गया कि 500 से अधिक जब्त वाहनों का मूल्यांकन लंबित है। जिला परिवहन पदाधिकारी से इस देरी का स्पष्टीकरण मांगा गया है। मोटरयान निरीक्षकों को 24 घंटे के भीतर सभी वाहनों का मूल्यांकन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है।