सार
Bihar News: बिहार सरकार ने हर जिले से पटना की यात्रा को सिर्फ 3 घंटे में पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। सड़कों के चौड़ीकरण और नए हाईवे से सफर होगा तेज, कारोबार और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा।
Bihar News: बिहार सरकार ने राज्य के किसी भी जिले से राजधानी पटना तक की 'जर्नी' को सिर्फ 3 घंटे में पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। मौजूदा समय में, यह 'जर्नी' 4 से 5 घंटे का समय लेती है। अब सरकार सड़कों के चौड़ीकरण और नए हाईवे के जरिए इस समय को तीन से साढ़े तीन घंटे करने की योजना बना रही है। डिप्टी सीएम सह पथ निर्माण मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विभागीय बैठक में इस पर चर्चा की और 2027-28 तक इस लक्ष्य को पूरा करने दावा किया।
समय पर पूरी की जाएगी सीएम नीतीश कुमार की घोषणाएं
डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसके लिए बिहार में सड़कों के चौड़ीकरण और नए निर्माण कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। डबल इंजन की सरकार की वजह से प्रदेश में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं। जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर प्रॉयोरिटी से विचार किया जाएगा। सीएम नीतीश कुमार ने प्रगति यात्रा में जो घोषणाएं की थी, उन्हें समय से पूरा किया जाएगा। डिप्टी सीएम सिन्हा ने दावा किया कि सड़कों के मामले में जल्द ही बिहार देश के टॉप स्टेट में शामिल होगा। रेलवे ओवरब्रिज के काम भी तेजी से किए जा रहे हैं। इससे ट्रैफिक पर दबाव कम आएगा।
बिजनेस में ग्रोथ के साथ मिलेंगे रोजगार के अवसर
डिप्टी सीएम ने कहा कि सड़कों के चौड़ीकरण और नए सड़के बनने की वजह से परिहवन व्यवस्था बेहतर होगी। इससे बिजनेस में ग्रोथ के साथ रोजगार के नए अवसर लोगों को मिलेंगे। उनका कहना है कि हम बिहार को विकसित राज्य बनाने के अपने संकल्प को हासिल करके रहेंगे। सड़क निर्माण परियोजनाओं को लेकर सरकार ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि परियोजनाओं में देरी न हो। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता तय की जाए ताकि जनता को को कम समय में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। डिप्टी सीएम ने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जनता को क्या फायदा?
डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बैठक में अधिकारियों से कहा गया है कि वह निर्माण कार्यों मे तेजी लाएं। जब निर्माण कार्य समय से पूरे होंगे तो जनता को इसका सीधा फायदा मिलेगा। यात्रा के समय में कमी आएगी। ईंधन का खर्च बचेगा। व्यापार और लॉजिस्टिक्स को फायदा पहुंचेगा। इमरजेंसी सुविधाएं और लोगों को अस्पताल पहुंचना आसान होगा।
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