सार
बिहार के जमुई जिले में दो समुदायों के बीच विवाद के बाद दूसरे दिन भी इंटरनेट सेवाएं बंद हैं। बाजार खुल गए हैं, लेकिन तनाव अब भी बरकरार है। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। जानें पूरी खबर।
पटना (बिहार)। बिहार के जमुई जिले में दो समुदायों के बीच हुए विवाद के बाद तनाव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने एहतियातन पूरे जिले में 48 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी थी, जो अब दूसरे दिन भी जारी है। हालांकि, बाजार खोल दिए गए हैं, लेकिन अभी भी तनाव बरकरार है। इंटरनेट बंद होने के कारण आम जनता को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर छात्र, ऑनलाइन वर्क करने वाले लोग और डिजिटल सर्विसेज पर डिपेंड व्यापारियों को काफी दिक्कत हो रही है। कई लोग अपने जरूरी ऑनलाइन कामों को पूरा करने के लिए लखीसराय, देवघर या अन्य सीमावर्ती जिलों की तरफ जा रहे हैं। सरकारी विभागों के इंटरनेट आंशिक रूप से चालू किए गए हैं।
हालात को काबू में रखने के लिए क्या इंतजाम?
प्रशासन द्वारा हालात को काबू में रखने के लिए चुस्त इंतजाम किए गए हैं। सड़कों पर गश्त लगाने के अलावा शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। सोमवार को जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा बाजार बंद की 'कॉल' की गई थी, जो पूरी तरह शांतिपूर्ण रही। हालांकि, मंगलवार को बाजार खुलने के बावजूद कई इलाकों में तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि वे प्रशासन पर पूरा भरोसा रखते हैं और उम्मीद करते हैं कि जल्द ही स्थिति सामान्य होगी। पुलिस प्रशासन भी लगातार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है।
गिरफ्तारियां और कानूनी कार्रवाई जारी
तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड में है। पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों पर कार्रवाई की है। एक पक्ष के 41 लोगों को आरोपी बनाया गया है और उनमें से अब तक 8 लोगों को अरेस्ट किया गया है। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से घायल खुशबू पांडेय को भी हिरासत में लिया गया है। हालांकि, उनकी गिरफ्तारी के बाद कुछ लोग नाराज दिख रहे हैं और प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की पूरी जांच के बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
आईजीआईएमएस अस्पताल पटना में चल रहा नीतीश साह का इलाज
इस झड़प में जमुई जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष और नगर परिषद के उप मुख्य पार्षद सह हिंदू स्वाभिमान के प्रांतीय सह प्रमुख नीतीश साह गंभीर रूप से घायल हुए थे। पटना के आईजीआईएमएस अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। सिर और आंख के पास गंभीर चोटें होने की वजह से वह आईसीयू में एडमिट हैं। उनके परिवार का कहना है कि ठीक होने में अभी कुछ और समय लग सकता है।
क्या है पूरा मामला?
घटना की शुरुआत रविवार को झाझा प्रखंड के बलियाडीह गांव से हुई, जहां हिंदू स्वाभिमान संगठन द्वारा हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया गया था। इस आयोजन में जमुई और आसपास के कई प्रखंडों से कार्यकर्ता शामिल हुए थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब ये लोग अपने वाहनों (कार और बाइक) से वापस लौट रहे थे, तभी गांव की मस्जिद के पास कथित तौर पर दूसरे समुदाय के करीब 200 लोगों ने उन पर ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। इस हमले में नीतीश साह, खुशबू पांडेय समेत 12 से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों को जमुई सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां से नीतीश साह की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें पटना रेफर कर दिया गया।
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