सार
Bihar News: बिहार में शराबबंदी लागू है, लेकिन तस्कर इस कानून को ठेंगा दिखाने के लिए अनोखे तरीके अपना रहे हैं। कभी सब्जियों के ट्रक में शराब छिपाई जाती है, तो कभी दूध के टैंकर में इसे भरकर सप्लाई किया जाता है। ताजा मामला औरंगाबाद जिले का है, जहां तस्करों ने लक्जरी गाड़ियों पर ‘शुभ तिलक’ का पोस्टर चिपकाकर शराब की तस्करी करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस इतनी अलर्ट थी कि उनका खेल बिगड़ गया।
लक्जरी वाहन पर 'शुभ तिलक' का पोस्टर, फिर भी पकड़े गए तस्कर
बिहार के औरंगाबाद जिले में पुलिस ने एक लक्जरी वाहन को जब्त किया, जिसमें भारी मात्रा में शराब छुपाकर ले जाई जा रही थी। तस्करों ने इस वाहन पर 'शुभ तिलक' का पोस्टर चिपकाया था, ताकि पुलिस इसे शादी समारोह में जा रही गाड़ी समझें और शराब की तस्करी पकड़ी न जाए।
कैसे पकड़ी गई गाड़ी?
तरारी पुल से नासरीगंज जाने वाली सड़क पर पुलिस ने इस गाड़ी को रोका। हालांकि, तस्कर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। जब पुलिस ने वाहन की तलाशी ली, तो उनके होश उड़ गए। गाड़ी के अंदर से 720 लीटर स्पिरिट और 450 लीटर देसी मसालेदार शराब बरामद हुई। पुलिस ने 18 गैलन स्पिरिट और 50 कार्टन शराब जब्त की। जब्त शराब और स्पिरिट की कीमत 4 से 5 लाख रुपये आंकी गई है। इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष फहीम आजाद खां, एएलटीएफ प्रभारी एएसआई गोपाल प्रसाद सिंह, एएसआई भूपेंद्र कुमार सिंह शामिल थे।
खड़े हो रहें ये सवाल
रिपोर्ट के अनुसार, मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस अब फरार तस्करों की तलाश कर रही है। इस पूरे मामले ने शराबबंदी कानून पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर शराब तस्कर इतनी चालाकी से पुलिस को चकमा देकर अपना धंधा कैसे चला रहे हैं?
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