सार

खो-खो वर्ल्ड कप 2025 शुरू होने से पहले भारतीय महिला टीम की कोच डॉ. मुन्नी जून ने एशियानेट न्यूज़ से खास बातचीत में अपनी कोचिंग और टीम की तैयारियों पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि कैसे खेल को इस मुकाम तक लाने में कई लोगों का योगदान रहा है।

Kho Kho World Cup 2025: खो-खो वर्ल्ड कप 2025 का आगाज 13 जनवरी यानि कल से होने जा रहा है। पहली बार इस खेल खेल का विश्व स्तर पर आयोजन हो रहा है, जिसके मेजबानी खुद भारत के हाथों में है। इस टूर्नामेंट के लिए भारतीय पुरुष और महिला टीम का ऐलान किया जा चुका है। पुरुष टीम के कप्तान प्रतीक बैकर हैं, तो वहीं महिला टीम की कमान प्रियंका इंगले के हाथों में दी गई है। केवल पुरुष ही नहीं, बल्कि महिला खिलाड़ी भी विपक्षी टीमों से लोहा लेने के लिए पूरी तरह तैयार दिख रही हैं। इसी बीच महिला टीम की हेड कोच डॉ मुन्नी जून ने खिलाड़ियों की तैयारी से लेकर रख-रखाव पर बातचीत की है। उन्होंने खुलकर सारी बातों को रखा है।

एशियानेट न्यूज के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू के दौरान डॉक्टर मुन्नी जून ने बताया कि "आज मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था, कि खो-खो का खेल इतने बड़े लेवल पर आयोजित किया जाएगा। जब मैं छठे क्लास में पढ़ रही थी, उसी समय से मैं इस खेल की शुरुआत की थी। इस क्लास में मैंने अपना पहला नेशनल गेम उड़ीसा में खेला था। उसके बाद मैंने जूनियर नेशनल, सीनियर नेशनल और विमेंस नेशनल के लिए यह खेल खेला। खो-खो ऑल इंडिया नेशनल में मैंने अपनी प्रतिभा दिखाई। उसके बाद मैं कोच के लिए चुनी गई।"

खेल को आगे बढ़ाने में दो व्यक्तियों का है बड़ा हाथ

खो-खो खेल की नींव मजबूत करने को लेकर उन्होंने कहा कि "इस खेल की नींव मजबूत करने में हमारे सुधांशु मित्तल (प्रेसिडेंट) और एमएस त्यागी (जेनरल सेक्रेटरी) का बहुत बड़ा हाथ रहा है। मिट्टी के खेल को मैट तक पहुंचने में इनका बहुत बड़ा रोल रहा है। स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के प्रावधान से हमें सभी चीजों की सुविधाएं मिल रही हैं। बच्चों को समय से फिजिकल एक्टिविटी, जिम की सुविधा और डाइट का पूरा ध्यान दिया जाता है। खिलाड़ियों को बैलेंस फूड दिए जाते हैं। योग के क्लास भी होते हैं।"

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अपनी कोचिंग को लेकर उनका मानना है कि "जिस तरह से हम या खेल खेलते थे और आज एक कोच के रूप में काम कर रही हूं। उसके लिए मैं अपने आप को भाग्यशाली समझती हूं। साउथ एशियन में मैं वूमेंस टीम की कोच थी। एशियन टीम में भी मैं महिला टीम की चीफ कोच रही हूं।"

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