युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी का लक्ष्य क्रिस गेल का 175 रन का IPL रिकॉर्ड तोड़ना है। वह U-19 विश्व कप में 175 रन और IPL में 35 गेंदों में शतक बना चुके हैं। 2026 में वह राजस्थान के लिए खेलेंगे।
BCCI के नमन अवॉर्ड्स में हर्षा भोगले ने वैभव सूर्यवंशी के सामने तीन ऑप्शन रखे। पहला, एक ओवर में छह छक्के। दूसरा, क्रिस गेल का 175 रन का रिकॉर्ड तोड़ना। और तीसरा, IPL का सबसे तेज शतक। अपनी बैटिंग की तरह ही वैभव ने ज्यादा सोचने में वक्त नहीं लगाया। जैसे गेंद बाउंड्री पार जाती है, वैसे ही फटाक से जवाब आया- क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ना है।
वैभव सूर्यवंशी ने फिक्स किया आईपीएल 2026 का टारगेट
यूनिवर्स बॉस की वो पारी जिसे कोई भूल नहीं पाया। पुणे वॉरियर्स के खिलाफ वो कैरेबियाई तूफान, जब 66 गेंदों में 175 रन बने थे और 154 रन तो सिर्फ चौकों-छक्कों से आए थे। T20 क्रिकेट के बड़े-बड़े दिग्गज आए और गए, लेकिन ये रिकॉर्ड आज तक कोई नहीं तोड़ पाया। अभिषेक शर्मा इसके करीब पहुंचे थे, लेकिन वो भी ब्रेंडन मैक्कलम से पीछे रह गए।
तो क्या सूर्यवंशी ये कर पाएंगे? इस सवाल पर शक करने की बजाय, उनके कारनामों को देखकर यकीन करना पड़ता है। 2025 IPL के बाद से इस लड़के ने मैदान पर जो कमाल किए हैं, वो हैरान करने वाले हैं। सबसे ताजा उदाहरण अंडर-19 वनडे वर्ल्ड कप का फाइनल है। आपको याद है फाइनल में क्या हुआ था? 2013 में क्रिस गेल ने जो स्कोर बनाया था, ठीक उसी स्कोर पर वैभव ने इंग्लैंड के खिलाफ अपनी पारी खत्म की - 175 रन।
सिर्फ 80 गेंदों में 175 रन, जिसमें 15 चौके और 15 छक्के शामिल थे। और ये याद रखना होगा कि ये स्कोर एक 14 साल के लड़के ने बनाया था। इससे पहले विजय हजारे ट्रॉफी में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 84 गेंदों पर 190 रन ठोक दिए थे। उस पारी में 16 चौके और 15 छक्के थे, और स्ट्राइक रेट 226 का था। इसी के साथ वो लिस्ट-ए क्रिकेट में शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए।
वैभव सूर्यवंशी की कुछ रिकॉर्ड तोड़ पारी के आंकड़े…
विजय हजारे से पहले सैयद मुश्ताक अली टी20 टूर्नामेंट में महाराष्ट्र जैसी मजबूत टीम के खिलाफ 58 गेंदों में शतक जड़ दिया था। उन्होंने 61 गेंदों में 7 चौकों और 7 छक्कों की मदद से 108 रन बनाए। एशिया कप राइजिंग स्टार्स टूर्नामेंट में भी उनका अंदाज अलग नहीं था। UAE के खिलाफ 42 गेंदों में 144 रन बना डाले, जिसमें 11 चौके और 15 छक्के थे। स्ट्राइक रेट 342.8 का था और शतक तो सिर्फ 32 गेंदों में पूरा कर लिया था, जो किसी भी भारतीय का तीसरा सबसे तेज शतक है।
हां, ये माना जा सकता है कि इन टूर्नामेंट्स में बॉलिंग का लेवल उतना ऊंचा नहीं था, जितना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में होता है। इसलिए कुछ लोग वैभव की इन पारियों पर सवाल भी उठाते हैं। लेकिन फिर बात आती है IPL की, जिस टूर्नामेंट ने वैभव को असली पहचान दी। गुजरात के खिलाफ 35 गेंदों में शतक वाली वो एक पारी याद है न?
ये IPL इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक था, सिर्फ क्रिस गेल से पीछे। और जिन गेंदबाजों की धुनाई की, उनकी लिस्ट देखिए - राशिद खान, मोहम्मद सिराज, वॉशिंगटन सुंदर, प्रसिद्ध कृष्णा, करीम जनत और इशांत शर्मा। इशांत को छोड़कर बाकी सब आज भी इंटरनेशनल क्रिकेट के बड़े नाम हैं। और मजे की बात ये है कि उस मैच में ऐसा कोई बॉलर नहीं था, जिसे वैभव ने छक्का न मारा हो।
इशांत और करीम जनत को तो तीन-तीन छक्के पड़े थे। सुंदर को दो और बाकी सबको एक-एक बार गेंद स्टैंड्स में मिली। और ये सब तब हुआ जब वैभव की उम्र सिर्फ 14 साल से कुछ ज्यादा थी। उन्होंने जितने भी व्हाइट-बॉल टूर्नामेंट खेले, सबमें शतक जड़ा, वो भी गेंदबाजों को बिना कोई सम्मान दिए। उनका लिस्ट-ए में स्ट्राइक रेट 164 का है और टी20 में 200 से ऊपर का। अपने पहले IPL में ही वैभव ने दिखा दिया था कि वो गेंदबाजों पर कोई रहम नहीं करते। अब 2026 के सीजन में वो और भी अनुभव के साथ आ रहे हैं। इस बार वो राजस्थान की जर्सी में पूरा सीजन खेलेंगे। देखना होगा कि कौन-कौन से रिकॉर्ड टूटते हैं। एक का तो उन्होंने ऐलान कर ही दिया है। अगर वो गेल का रिकॉर्ड तोड़ देते हैं, तो टीम इंडिया की नीली जर्सी ज्यादा दूर नहीं होगी।
