15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने IPL में 17 गेंदों पर 52 रन जड़े। इस प्रदर्शन से उन्हें टीम इंडिया में शामिल करने की मांग उठी, लेकिन आर अश्विन ने इसे जल्दबाजी बताते हुए उन पर दबाव न डालने की सलाह दी है।

कोलकाता: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 19वें सीजन के पहले ही मैच में युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी ने अपने प्रदर्शन से तहलका मचा दिया। इसके बाद से ही वैभव को भारतीय टीम में शामिल करने की मांग उठने लगी है। लेकिन, टीम इंडिया के दिग्गज स्पिनर आर अश्विन इस राय से सहमत नहीं हैं।

चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 17 गेंदों पर 52 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें 4 चौके और 5 छक्के शामिल थे। खास बात यह है कि इस 15 साल के लड़के ने सिर्फ 15 गेंदों पर अपनी फिफ्टी पूरी कर ली। यह IPL इतिहास की तीसरी सबसे तेज हाफ सेंचुरी है।

वैभव की इस धुआंधार पारी के बाद मोहम्मद कैफ और माइकल वॉन जैसे पूर्व क्रिकेटरों ने उन्हें सीनियर भारतीय टीम में मौका देने की वकालत की। हालांकि, आर अश्विन का मानना है कि वैभव के लिए अभी भारतीय टीम में आने का सही वक्त नहीं है। अश्विन ने कहा, ''वैभव अभी बच्चा है। उस पर अभी से ही इंडियन टीम का इतना बड़ा बोझ नहीं डालना चाहिए। वो बहुत टैलेंटेड है और यकीनन एक दिन भारत के लिए खेलेगा। लेकिन इसके लिए थोड़ा और इंतजार करना बेहतर होगा।'' अश्विन ने साफ कहा कि इस मामले में बेवजह की जल्दबाजी ठीक नहीं है।

आपको बता दें कि वैभव 14 साल की उम्र में अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा थे और पिछले सीजन में उन्होंने IPL में शतक भी जड़ा था। हाल ही में उन्होंने अपना 15वां जन्मदिन मनाया है, जिसके बाद ICC के नियमों के मुताबिक, सेलेक्टर्स उन्हें सीनियर टीम के लिए चुन सकते हैं। ICC का नियम है कि सीनियर टीम में चुने जाने के लिए खिलाड़ी की उम्र कम से कम 15 साल होनी चाहिए।

गेंदबाजों के छुड़ाए पसीने

पावरप्ले के ओवरों में वैभव ने चेन्नई के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। उन्होंने अपनी पारी में 4 चौके और 5 छक्के जड़े। हालांकि, वह 52 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन तब तक राजस्थान की जीत लगभग पक्की हो चुकी थी। पूर्व भारतीय खिलाड़ी संजय बांगड़ ने वैभव के प्रदर्शन की जमकर तारीफ की है।

बांगड़ ने जियोस्टार पर कहा, ''इस 15 साल के लड़के ने मैट हेनरी, खलील अहमद, अंशुल कंबोज और नूर अहमद जैसे वर्ल्ड क्लास गेंदबाजों का बड़ी आसानी से सामना किया। सूर्यवंशी ने उन्हें अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया। इस उम्र में वह गेंदबाजों के मन में डर पैदा करने की काबिलियत रखता है।''