Mahashivratri 2026 Kab Hai: राजस्थान के जयपुर में भगवान शिव का एक प्राचीन मंदिर है, जिसे लोग भूतिया शिव मंदिर भी कहते हैं। इस मंदिर से जुड़ी कईं मान्यताएं हैं जो इसे और भी खास बनाती हैं। यहां रात को जाने से लोग डरते हैं।
Bhuteshwar Mahadev Temple: भारत को मंदिरों का देश कहा जाता है। यहां अनेक ऐसे मंदिर हैं जिनसे कोई अजीब मान्यता जुड़ी हुई है। ऐसी ही एक मान्यता राजस्थान के जयपुर में स्थित भूतेश्वर महादेव मंदिर से भी जुड़ी है। नाम से ही इस मंदिर के बारे में जानने की उत्सुकता मन में पैदा होती है क्योंकि ऐसा कहते हैं इस मंदिर का निर्माण इंसानों ने नहीं बल्कि भूतों ने किया है। महाशिवरात्रि (15 फरवरी, रविवार) के मौके पर जानें भूतेश्वर मंदिर से जुड़ी रोचक बातें…
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रातों-रात बना है ये शिव मंदिर
भूतेश्वर महादेव का मंदिर राजस्थान की राजधानी जयपुर में आमेर की पहाड़ियों में बना है। कहते हैं कि ये मंदिर लगभग 2 हजार साल पुराना है। इस मंदिर से जुड़ी सबसे बड़ी मान्यता ये है कि भूतों ने ये मंदिर रातोंरात बनाया था। इस मंदिर के आस-पास घना जंगल है। यही कारण है कि रात में ही नहीं बल्कि दिन में यहां ज्यादा चहल-पहल नहीं रहती।
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यहां होता है अदृश्य शक्ति का अहसास
कुछ लोगों का दावा है कि इस मंदिर में परालौकिक शक्तियों जैसे भूत-प्रेत का अहसास होता है। यही कारण है अकेले में इस मंदिर में दर्शन करने कोई नहीं आता। कुछ लोग इकट्ठा होकर ही यहां दर्शन करने आते हैं। स्थानीय लोगों का ये भी दावा है कि अगर कोई यहां रात रुकता है तो सुबह वह सही-सलामत नहीं मिलता। महाशिवरात्रि और सावन आदि खास मौकों पर यहां भक्तों की भी़ड़ उमड़ती है।
एक संत ने खोजा था ये मंदिर
स्थानीय लोग कहते हैं कि भगवान शिव का ये मंदिर घने जंगल में होने से काफी समय तक छिपा रहा। तब एक संत जंगल में घूमते-घूमते यहां आए और उन्होंने इस मंदिर में पूजा-पाठ शुरू की। बाद में आम लोग भी यहां आने लगे। एक रात वह संत इसी मंदिर में तपस्या करते हुए ब्रह्मलीन हो गए यानी उनकी मृत्यु हो गई। ये देख लोगों की इस मंदिर के प्रति आस्था और भी बढ़ गई।
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