Eid 2026 Date Confirmed: जानिए ईद-उल-फितर 2026 कब मनाई जाएगी? बता दें कि सऊदी अरब, यूएई, कुवैत जैसे खाड़ी देशों में ईद की तारीख का ऐलान हो गया है। जानिए भारत में चांद दिखने का ताजा अपडेट क्या है, भारत में ईद कब मनाई जाएगी?

Eid Ul Fitr 2026 Date India: रमजान के पूरे महीने के बाद जिस पल का हर रोजेदार इंतजार करता है, वो अब करीब आ चुका है। शवाल का चांद नजर आने को लेकर कई दिनों से चल रही चर्चा पर आखिरकार विराम लग गया है। सऊदी अरब, यूएई, कुवैत, कतर, बहरीन समेत दुनिया के बड़े हिस्से में ईद-उल-फितर 20 मार्च 2026 (शुक्रवार) को मनाई जाएगी। मिडिल ईस्ट से लेकर अफ्रीका और यूरोप के कई देशों ने आधिकारिक तौर पर तारीख घोषित कर दी है, जबकि भारत समेत कुछ देशों में अभी भी आखिरी फैसला चांद दिखने पर निर्भर करेगा।

खाड़ी देशों में क्यों 20 मार्च को मनाई जाएगी ईद?

दरअसल, इस साल 18 मार्च की शाम को ज्यादातर खाड़ी देशों में शवाल का चांद दिखाई नहीं दिया। इस वजह से रमजान के 30 रोजे पूरे करने का फैसला लिया गया। इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक, जब 29वें रोजे के बाद चांद नजर नहीं आता, तो महीने को 30 दिन का माना जाता है। यही वजह है कि अब 20 मार्च को ईद मनाने की घोषणा की गई है।

किन-किन देशों में तय हो गई ईद की तारीख?

खाड़ी देशों ने सबसे पहले स्थिति साफ कर दी है। सऊदी अरब, यूएई, कुवैत, कतर, बहरीन इन सभी जगहों पर शुक्रवार को ईद मनाई जाएगी। इसके अलावा तुर्की, जॉर्डन, इराक, लेबनान और फिलिस्तीन जैसे देशों में भी इसी दिन जश्न होगा। अफ्रीका के मिस्र, नाइजीरिया, सोमालिया और सूडान ने भी 20 मार्च को ईद की पुष्टि कर दी है। वहीं ऑस्ट्रेलिया और मालदीव भी इसी तारीख के साथ आगे बढ़ चुके हैं।

भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में ईद की डेट को लेकर क्यों है सस्पेंस?

दक्षिण एशिया के देशों में ईद का फैसला स्थानीय चांद देखने पर आधारित होता है। भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में 19 मार्च की शाम को चांद दिखने की पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए यहां 20 मार्च की शाम को आसमान पर नजरें टिकी रहेंगी। अगर 20 मार्च को चांद दिखता है तो ईद 21 मार्च को होगी। वहीं अगर 18 मार्च को ही चांद दिख गया, तो 20 मार्च को ही ईद मनाई जाएगी यही वजह है कि यहां हर साल एक दिन का फर्क देखने को मिलता है। भारत में भी कई राज्यों अलग-अलग दिन ईद मनाई जाती है। इसकी वजह है चांद देखने की परंपरा। केरल जैसे समुद्री इलाकों में आसमान साफ होने से चांद जल्दी दिख जाता है, वहीं उत्तर भारत में मौसम और बादलों की वजह से चांद देर से नजर आता है। इसलिए अलग-अलग राज्यों में एक दिन का अंतर पूरी तरह से धार्मिक परंपरा के अनुसार सही माना जाता है।

कुछ देशों में पहले ही क्यों मन गई ईद?

इस बार दिलचस्प बात यह रही कि कुछ देशों में चांद जल्दी नजर आ गया। अफगानिस्तान, नाइजर और माली जैसे देशों में 19 मार्च को ही ईद मना ली गई। यह अंतर भौगोलिक स्थिति और मौसम की वजह से होता है।