Chaitra Navratri Mai Kanya Pujan Kab Kare: इन दिनों चैत्र मास की नवरात्रि चल रही है। नवरात्रि में कन्या पूजन जरूरी माना गया है। कन्या पूजन का महत्व अनेक धर्म ग्रंथों में लिखा है। ऐसी भी मान्यता है कि कन्या पूजन के बिना नवरात्रि व्रत का पूरा फल नहीं मिलता।

Kanya Pujan Date: हिंदू धर्म में छोटी कन्याओं को साक्षात देवी का स्वरूप माना गया है। इसलिए नवरात्रि के दौरान कन्या पूजन करने की परंपरा बनाई गई है। इस बार चैत्र नवरात्रि का पर्व 19 मार्च से शुरू हो चुका है जो 27 मार्च तक मनाया जाएगा। चैत्र नवरात्रि में कन्या पूजन की डेट क्या है और इसका शुभ मुहूर्त कब से कब तक रहेगा, ये जानने के लिए सभी लोग उत्सुक हैं। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी से जानें इस बार चैत्र नवरात्रि में कन्या पूजन कब करें…

ये भी पढ़ें-
Mata Bhajans Lyrics In HIndi: ‘दुर्गा है मेरी मां-अंबे है मेरी मां’ चैत्र नवरात्रि में सुनें माता के 10 सुपरहिट भजन

किस तिथि पर करते हैं कन्या पूजन?

वैसे तो नवरात्रि में किसी भी तिथि पर कन्या पूजन किया जा सकता है लेकिन अष्टमी और नवमी तिथि इसके लिए सबसे श्रेष्ठ मानी गई है। अधिकांश घरों में अष्टमी और नवमी तिथि पर कुलदेवी पूजा की परंपरा भी निभाई जाती है। इस दौरान लोग कन्या पूजन भी कर लेते हैं। अष्टमी तिथि की देवी महागौरी हैं और नवमी तिथि की देवी सिद्धिदात्री। इन दोनों तिथियों पर कन्या पूजन करना बहुत ही शुभ माना गया है।

ये भी पढ़ें-
Ram Navami 2026 Date: राम नवमी कब है 26 या 27 मार्च, जानिए क्यों है दो दिनों का कन्फ्यूजन, पूजा कब?

चैत्र नवरात्रि 2026 की अष्टमी-नवमी तिथि कब?

पंचांग के अनुसार, इस बार चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि 26 मार्च, गुरुवार को और नवमी तिथि 27 मार्च, शुक्रवार को है। इन दोनों में से किसी भी दिन आप कन्या पूजन कर सकते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि कन्या पूजन से एक दिन पहले कन्याओं को घर जाकर सम्मान पूर्वक निमंत्रण दें। 12 वर्ष से अधिक आयु की कन्या इस पूजन के लिए निषेध है।

चैत्र नवरात्रि 2026 कन्या पूजन मुहूर्त

26 मार्च, गुरुवार को कन्या पूजन के लिए 3 शुभ मुहूर्त हैं-
सुबह 11:01 से दोपहर 12:32 तक
दोपहर 12:32 से 02:03 तक
दोपहर 02:03 से 03:34 तक

27 मार्च, शुक्रवार को कन्या पूजन मुहूर्त
सुबह 07:59 से 09:30 तक
दोपहर 12:32 से 02:03 तक
शाम 05:05 से 06:36 तक

कन्या पूजन का महत्व

साल में आने वाली दोनों प्रकट नवरात्रि (चैत्र और शारदीय) में कन्या पूजन किया जाता है। कन्या यानी साक्षात देवी का स्वरूप और नवरात्रि में देवी पूजन करने से हर मनोकामना पूरी हो जाती है, ऐसी मान्यता है। हिंदू धर्म ग्रंथों में भी छोटी कन्याओं को देवी का रूप माना गया है। इसके पीछे वजह है कि छोटी कन्याओं में किसी भी तरह के राग, द्वेष आदि की भावना नहीं होती।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।