Uttar Pradesh Development 9 Years: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के 9 साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री ने इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, कृषि और शिक्षा में हुए बड़े बदलावों का जिक्र किया। जेवर एयरपोर्ट, गंगा एक्सप्रेसवे और किसानों के लिए योजनाओं से जुड़े अहम दावे सामने आए।

लखनऊ में ‘नव निर्माण के 9 वर्ष’ पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में पिछले नौ वर्षों के दौरान हुए विकास कार्यों का जिक्र किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि राज्य अब इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, कृषि और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, 2017 के पहले जिस प्रदेश को निवेश और विकास के मामले में पिछड़ा माना जाता था, वहीं अब बड़े उद्योग, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और शिक्षा सुधार जैसे कई बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी से आगे बढ़ा उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश में इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में एक मजबूत राज्य के रूप में उभरा है। उन्होंने बताया कि देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क उत्तर प्रदेश में है और सात शहरों, लखनऊ, कानपुर, आगरा, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ, में मेट्रो सेवा चल रही है। इसके अलावा मेरठ से दिल्ली के बीच देश की पहली रैपिड रेल सेवा शुरू हो चुकी है। वाराणसी में देश का पहला रोपवे भी बनाया जा रहा है। वहीं वाराणसी से हल्दिया तक देश का पहला इनलैंड वाटरवे भी उत्तर प्रदेश में ही विकसित किया गया है।

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जेवर एयरपोर्ट से बढ़ेगी अर्थव्यवस्था

सीएम योगी ने एयर कनेक्टिविटी का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में इस समय 16 एयरपोर्ट संचालित हैं, जिनमें चार अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट शामिल हैं। उन्होंने बताया कि नोएडा के जेवर में देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट तैयार हो चुका है। इसके उद्घाटन के लिए 28 मार्च को प्रधानमंत्री से अनुरोध किया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट शुरू होने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा होगा और राज्य सरकार को करीब एक लाख करोड़ रुपये तक की आय होने की संभावना है।

गंगा एक्सप्रेसवे भी जल्द होगा पूरा

मुख्यमंत्री ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और इसी महीने इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि देश में मौजूद कुल एक्सप्रेसवे का लगभग 55 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश में है और गंगा एक्सप्रेसवे पूरा होने के बाद यह आंकड़ा करीब 60 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। सरकार के मुताबिक, राज्य में जिला मुख्यालयों को फोरलेन सड़क से जोड़ने और ब्लॉक-तहसील मुख्यालयों को बेहतर सड़क कनेक्टिविटी देने पर भी काम किया गया है।

विदेशों से निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हाल ही में राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने जापान और सिंगापुर का दौरा किया था। वहीं उपमुख्यमंत्री और आईटी मंत्री जर्मनी गए थे। उनका कहना है कि इन देशों के उद्योगपति और मंत्री उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इसके पीछे राज्य की “जीरो टॉलरेंस और जीरो करप्शन” नीति को कारण बताया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक राज्य में करीब 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है और छह लाख करोड़ रुपये के नए निवेश प्रस्ताव प्रक्रिया में हैं।

नोएडा जाने के अंधविश्वास पर भी बोले मुख्यमंत्री

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने एक पुराने राजनीतिक अंधविश्वास का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले यह माना जाता था कि जो मुख्यमंत्री नोएडा जाता है, उसकी कुर्सी चली जाती है। उन्होंने कहा कि जब उन्हें जिम्मेदारी मिली तो उन्होंने इस सोच को खत्म करने का फैसला किया और नोएडा जाकर विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, आज नोएडा और ग्रेटर नोएडा देश में मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बड़े निर्माण केंद्र बन चुके हैं।

कृषि क्षेत्र में तेज विकास का दावा

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि सरकार ने शुरुआत से ही किसानों को प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य की कृषि विकास दर 8.5 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 18 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो देश में सबसे तेज मानी जा रही है।

गन्ना किसानों को 3.16 लाख करोड़ का भुगतान

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच गन्ना किसानों को करीब 95 हजार करोड़ रुपये का भुगतान हुआ था। जबकि 2017 के बाद पिछले नौ वर्षों में किसानों को 3.16 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। उन्होंने कहा कि पहले किसानों को गन्ने का दाम लगभग 300 रुपये प्रति कुंतल मिलता था, जो अब बढ़कर 400 रुपये प्रति कुंतल तक पहुंच गया है।

किसानों को कई योजनाओं का लाभ

मुख्यमंत्री के मुताबिक, किसानों को राहत देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत उत्तर प्रदेश के किसानों के खातों में लगभग 99 हजार करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं। इसके अलावा प्रदेश में धान, गेहूं, सरसों, दलहन और अन्य फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की जा रही है। सरकार का कहना है कि किसानों को सिंचाई की अतिरिक्त सुविधा देने के लिए 56 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में व्यवस्था बढ़ाई गई है।

शिक्षा क्षेत्र में भी बदलाव का दावा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा क्षेत्र में हुए बदलावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में गरीब परिवार का बच्चा भी बेहतर सुविधाओं वाले स्कूल में पढ़ सकता है। सरकार के अनुसार, ऑपरेशन कायाकल्प के तहत 1.36 लाख से अधिक स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाया गया है।

बच्चों को मिल रही यूनिफॉर्म और पढ़ाई की सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 1 करोड़ 60 लाख से अधिक बच्चों को यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते और स्वेटर दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले सरकारी स्कूलों में कई बुनियादी सुविधाएं नहीं होती थीं, लेकिन अब स्कूलों में अलग-अलग शौचालय और पेयजल जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

संस्कृत पढ़ने वाले छात्रों के लिए नई योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृत पढ़ने वाले छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए छात्रवृत्ति दी जा रही है। इसके साथ ही ऐसे छात्रों के लिए रहने और खाने की व्यवस्था करने के लिए नई योजना लाने की तैयारी है। सरकार का मानना है कि संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने से सांस्कृतिक और शैक्षिक विकास को मजबूती मिलेगी।

बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, पिछले नौ वर्षों में राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, कृषि और शिक्षा जैसे कई क्षेत्रों में बड़े बदलाव हुए हैं। हालांकि, इन दावों का असर और वास्तविक परिणाम आने वाले समय में ही पूरी तरह सामने आएंगे। फिलहाल सरकार का कहना है कि उत्तर प्रदेश विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है।

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