योगी सरकार ने 2026-27 के बजट में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 2 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त अन्न भंडारण क्षमता, PACS कंप्यूटरीकरण, 525 करोड़ की ब्याज अनुदान योजना और उर्वरक भंडारण के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

लखनऊ। योगी सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में सहकारिता क्षेत्र को नई मजबूती देने का बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि किसानों को खाद्यान्न और कृषि संसाधन समय पर उपलब्ध हों। इसके लिए अतिरिक्त खाद्यान्न भंडारण तंत्र को सशक्त किया जा रहा है, ताकि जरूरत के समय किसी प्रकार की कमी न हो।

विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना: 2 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त क्षमता

सहकारिता क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के तहत प्रदेश में बड़े पैमाने पर गोदामों का निर्माण किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से 2 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त खाद्यान्न भंडारण क्षमता विकसित की जाएगी।

बजट में इसके लिए 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। 24 पैक्स (प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां) और 17 अन्य सहकारी संस्थाओं के माध्यम से प्रदेश के 33 जनपदों में 99,500 मीट्रिक टन क्षमता के गोदामों का निर्माण प्रस्तावित है। शेष क्षमता के लिए स्थानों का चिन्हांकन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना: किसानों के लिए 38 करोड़ रुपये का प्रावधान

किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत 38 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को सीधे लाभ पहुंचाना और कृषि क्षेत्र को मजबूत करना है।

PACS Computerization Scheme: सहकारी समितियों का डिजिटलीकरण

प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) को आधुनिक बनाने के लिए कंप्यूटरीकरण योजना लागू की जा रही है।

  • प्रथम चरण में 1539 एम-पैक्स का चयन किया गया।
  • द्वितीय चरण में 1523 एम-पैक्स शामिल किए गए।
  • तृतीय चरण में 2624 एम-पैक्स का चयन किया गया है और उन्हें कंप्यूटर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

इस योजना के लिए 32 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है। इससे सहकारी समितियों में पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ेगी।

ब्याज अनुदान योजना और उर्वरक भंडारण: किसानों को सीधा लाभ

किसानों को राहत देने के लिए ब्याज अनुदान योजना के तहत 525 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। इससे किसानों को सस्ती दर पर ऋण उपलब्ध होगा। इसके अलावा, रासायनिक उर्वरकों के अग्रिम भंडारण के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है, ताकि सीजन के दौरान खाद की कमी न हो और किसानों को समय पर उर्वरक मिल सके।