लखनऊ के सिनेमा हॉल में 'A' रेटेड फिल्म में बच्चे को ले जाने पर विवाद हुआ। स्टाफ द्वारा रोके जाने पर परिवार और कर्मचारियों में मारपीट हो गई। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पेरेंटिंग को लेकर बहस छिड़ गई है।

लखनऊ के एक सिनेमा हॉल में उस वक्त जमकर हंगामा हुआ, जब एक परिवार सिर्फ वयस्कों के लिए बनी 'A' सर्टिफिकेट वाली फिल्म देखने के लिए अपने बच्चे के साथ पहुंच गया। आदित्य धर के डायरेक्शन में बनी रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर 2' देखने आए इस परिवार और थिएटर स्टाफ के बीच जमकर मारपीट हुई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसके बाद पेरेंटिंग यानी बच्चों की परवरिश को लेकर एक बड़ी बहस शुरू हो गई है।

फिल्म 'धुरंधर 2' में बहुत ज्यादा हिंसा वाले सीन हैं, जिस वजह से सेंसर बोर्ड ने इसे 'एडल्ट्स ओनली' (Adults Only) सर्टिफिकेट दिया है। लेकिन, लखनऊ के एक मॉल में जब एक परिवार बच्चे के साथ फिल्म देखने पहुंचा, तो स्टाफ ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद बात इतनी बढ़ गई कि झगड़ा हाथापाई तक पहुंच गया। 24 सेकंड के वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि थिएटर के अंदर ही लोग एक-दूसरे को लात-घूंसों से मार रहे हैं। एक तरफ स्क्रीन पर फिल्म चल रही थी और दूसरी तरफ दर्शकों के बीच यह मारपीट हो रही थी। बताया जा रहा है कि करीब एक हफ्ते पहले एमराल्ड मॉल के आईनॉक्स में भी ऐसी ही घटना हुई थी, जहां एक शख्स अपने नाबालिग बेटे को फिल्म दिखाने की जिद कर रहा था।

यह मामला सामने आने के बाद लोग इन माता-पिता की कड़ी आलोचना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि नाबालिग बच्चों को इस तरह की हिंसा वाली फिल्में दिखाना उनके विकास पर बुरा असर डाल सकता है। कई यूजर्स ने कमेंट किया कि बच्चों के सामने हिंसा करना उन्हें यह सिखाता है कि यह एक सामान्य बात है। एक पिता का ऐसा बर्ताव बच्चों में गलत संस्कार डालता है।

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कुछ लोगों का यह भी मानना है कि भारतीयों में इमोशनल इंटेलिजेंस और धैर्य की कमी होती जा रही है, जो ऐसी घटनाओं की वजह है। लोग यह भी सवाल उठा रहे हैं कि जब नियम साफ-साफ लिखे हुए हैं, तो माता-पिता बच्चों को ऐसी फिल्मों के लिए क्यों लाते हैं? कुछ ने यह भी कहा कि कला हर किसी के लिए एक जैसी नहीं हो सकती और जो लोग इसकी गंभीरता को नहीं समझते, वे ऐसी समस्याएं पैदा करते हैं।