प्रदेश सरकार ने साथी पोर्टल के जरिए बीज उत्पादन से वितरण तक पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनाने की पहल की है। QR कोड से बीज की जानकारी मिल सकेगी। इससे नकली बीज पर रोक लगेगी और किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज आसानी से उपलब्ध होगा।
लखनऊ। डबल इंजन सरकार किसानों तक उच्च गुणवत्ता वाले बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने और बीज वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में प्रदेश सरकार ने बीज व्यवसायियों से अप्रैल से साथी पोर्टल पर पूरी जानकारी अपडेट करने का अनुरोध किया है। इस पोर्टल के जरिए बीज उत्पादन से लेकर किसान तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया ट्रैक की जाएगी। इससे नकली और मिलावटी बीज पर रोक लगेगी और किसानों को सही गुणवत्ता का बीज उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
प्रशिक्षण अभियान: केंद्र और महाराष्ट्र की टीम ने दिया मार्गदर्शन
उत्तर प्रदेश में कृषि विभाग ने साथी पोर्टल को सफल बनाने के लिए व्यापक प्रशिक्षण अभियान शुरू किया। कृषि निदेशालय में आयोजित प्रशिक्षण में भारत सरकार की टीम और महाराष्ट्र कृषि विभाग के अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। दो दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी ने किया।
इस प्रशिक्षण में वरिष्ठ तकनीकी सहायक (सीड) डॉ. सोनू कुमार चौधरी, वरिष्ठ निदेशक (आईटी) एनआईसी की अधिकारी अर्चना, अविनाश विजयकुमार पेडगांवकर, संयुक्त निदेशक निलाद्रि बिहारी मोहंती तथा उनकी टीम के सदस्य कोमित और सुदीप ने प्रशिक्षण दिया।
महाराष्ट्र की उप निदेशक (कृषि) डॉ. प्रीति सवाईराम ने अपने राज्य में पोर्टल की सफलता और किसानों को मिले लाभों की जानकारी साझा की।
मास्टर ट्रेनर मॉडल: हर जिले तक पहुंचेगी जानकारी
अपर कृषि निदेशक (बीज एवं प्रक्षेत्र) अनिल कुमार पाठक ने बताया कि बीज उत्पादक संस्थाओं, कृषक उत्पादक संगठनों (FPO) और बीज कंपनियों के प्रतिनिधियों को मास्टर ट्रेनर बनाया जा रहा है। ये प्रशिक्षक अपने-अपने जिलों में थोक और फुटकर विक्रेताओं को प्रशिक्षण देंगे ताकि नई प्रणाली सही तरीके से लागू हो सके।
लगभग 70 प्रतिशत विक्रेता पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं। बाकी 30 प्रतिशत विक्रेताओं से अगले 15 दिनों में पंजीकरण पूरा करने का अनुरोध किया गया है। किसी समस्या की स्थिति में जिला कृषि अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।
साथी पोर्टल: बीज की पूरी जानकारी एक क्लिक पर
साथी (Seed Authentication, Traceability and Holistic Inventory) पोर्टल को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने विकसित किया है। इसका उद्देश्य बीज उत्पादन, प्रमाणीकरण और वितरण में पारदर्शिता लाना और किसानों को बेहतर गुणवत्ता का बीज उपलब्ध कराना है। बीज पैकेट पर लगे QR कोड को स्कैन करके किसान बीज का स्रोत, उत्पादन करने वाली संस्था, प्रमाणीकरण और गुणवत्ता की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
दो चरणों में तैयार किए गए मास्टर ट्रेनर
प्रशिक्षण कार्यक्रम दो चरणों में आयोजित किया गया। पहले दिन बीज उत्पादक संस्थाओं, एफपीओ और बीज कंपनियों को प्रशिक्षण दिया गया। दूसरे दिन जिलों के थोक और खुदरा विक्रेताओं को प्रशिक्षण दिया गया। इन सभी प्रतिभागियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया गया है, जो अपने जिलों में अन्य डीलरों और वितरकों को साथी पोर्टल की जानकारी देंगे।


