उत्तर प्रदेश आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार ग्रामीण विकास पर खर्च लगातार बढ़ा है। रोजगार सृजन, पर्यावरण संरक्षण, तकनीकी पारदर्शिता और महिलाओं की भागीदारी में सुधार हुआ है, जिससे गांवों में विकास और आजीविका के अवसर मजबूत हुए।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की वर्ष 2025-26 की आर्थिक समीक्षा के अनुसार ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ के लक्ष्य को पूरा करने के लिए ग्रामीण विकास पर खर्च लगातार बढ़ाया गया है। वर्ष 2017-18 में ग्राम विकास पर 10,508 करोड़ रुपये खर्च हुए थे, जो 2025-26 में बढ़कर 20,081 करोड़ रुपये हो गए। पिछले आठ वर्षों में इस क्षेत्र में खर्च लगभग 8.43% की वार्षिक चक्रवृद्धि दर से बढ़ा है। इससे ग्रामीण बुनियादी ढांचे, रोजगार और आजीविका के अवसरों में सुधार हुआ है।

Human Employment Generation UP: मनरेगा रोजगार सृजन में यूपी नंबर-1

रोजगार सृजन के मामले में उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी रहा है। वर्ष 2017-18 में 1814.34 लाख मानव दिवस सृजित हुए थे, जो 2024-25 में बढ़कर 3363.97 लाख हो गए। यह लगभग 85.41% की वृद्धि दर्शाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिसंबर 2025 तक 1805 लाख से अधिक मानव रोजगार दिवस सृजित किए जा चुके हैं, जिससे ग्रामीण रोजगार को मजबूती मिली है।

ग्रामीण रोजगार योजनाएं: आजीविका, इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण पर फोकस

वीबी-जी राम जी योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने के लिए आजीविका, पर्यावरण संरक्षण और बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्य तेजी से कराए गए। इस योजना के अंतर्गत 266 प्रकार के सामुदायिक और व्यक्तिगत लाभकारी कार्य लागू किए गए, जिससे गांवों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ीं।

Digital Transparency Rural Development: तकनीक और पारदर्शिता से विकास को गति

ग्रामीण विकास कार्यों में तकनीक का उपयोग बढ़ाया गया है। कार्यों की पारदर्शिता के लिए ई-एमबी मॉड्यूल, त्रि-स्तरीय जियो टैगिंग, ऑनलाइन सॉफ्टवेयर, आधार आधारित भुगतान, नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम ऐप, एरिया ऑफिसर ऐप और ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया गया। बुंदेलखंड में जल संकट के समाधान के लिए ललितपुर के बिरधा ब्लॉक में विलुप्त शहजाद नदी के 1500 मीटर हिस्से का पुनरुद्धार किया गया। इससे 9859 मानव दिवस रोजगार सृजित हुए और भूजल व सिंचाई संसाधनों को मजबूती मिली।

Rural Employment Families UP: परिवारों को रोजगार और सामाजिक सुरक्षा

वर्ष 2024-25 में 65.26 लाख परिवारों के 75.83 लाख श्रमिकों को रोजगार मिला। इनमें से 6.16 लाख परिवारों को पूरे 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया गया। वहीं, 2025-26 में अक्टूबर 2025 तक 47 लाख से अधिक परिवारों को रोजगार दिया जा चुका है। रोजगार देने के मामले में तमिलनाडु के बाद उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर रहा।

पर्यावरण संरक्षण, अमृत सरोवर और खेल मैदान निर्माण

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 2024-25 में 13.54 करोड़ और 2025-26 में 13.23 करोड़ पौधे लगाए गए। नवंबर 2025 तक 19 हजार से ज्यादा अमृत सरोवरों का निर्माण या पुनरुद्धार किया गया, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिला। इसके अलावा अक्टूबर 2025 तक 3550 खेल मैदान और 1706 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण पूरा किया गया, जिससे ग्रामीण सुविधाओं में सुधार हुआ।

महिला भागीदारी में वृद्धि और सोशल ऑडिट से पारदर्शिता

ग्रामीण विकास योजनाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। यह 2018-19 में 35% थी, जो 2024-25 में बढ़कर 42% हो गई। सोशल ऑडिट के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित की गई। 2024-25 में 55,991 ग्राम पंचायतों में और 2025-26 में दिसंबर तक 51,648 ग्राम पंचायतों में ऑडिट पूरा किया गया।