उत्तर प्रदेश में लखनऊ से वाराणसी तक विकसित कैंसर ट्रीटमेंट नेटवर्क ने इलाज को सुलभ बना दिया है। योगी सरकार के प्रयासों से स्क्रीनिंग, सुपर स्पेशियलिटी उपचार, आयुष्मान योजना और आधुनिक तकनीक के जरिए मरीजों को अब अपने राज्य में ही बेहतर इलाज मिल रहा है।
लखनऊ। कैंसर के इलाज के लिए अब उत्तर प्रदेश के मरीजों को दिल्ली या मुंबई जाने की मजबूरी नहीं रही। लखनऊ से वाराणसी तक विकसित कैंसर ट्रीटमेंट नेटवर्क ने प्रदेश को देश की सबसे बड़ी और सुलभ कैंसर उपचार व्यवस्था वाले राज्यों में शामिल कर दिया है। लखनऊ स्थित कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान और वाराणसी में टाटा मेमोरियल मॉडल पर बने कैंसर केंद्रों की सफलता से यूपी की स्वास्थ्य व्यवस्था की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। अब बिहार और नेपाल तक के मरीज इलाज के लिए उत्तर प्रदेश आ रहे हैं।
योगी सरकार के विजन से मजबूत हुआ हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर
यह बदलाव योगी सरकार के बहुस्तरीय प्रयासों का परिणाम है। कैंसर की स्क्रीनिंग, सुपर स्पेशियलिटी इलाज और आर्थिक सहायता—हर स्तर पर सुविधाओं को मजबूत किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में स्वास्थ्य ढांचे का बड़े पैमाने पर विस्तार हुआ है।
कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान: एक छत के नीचे समग्र इलाज
लखनऊ के चक गजरिया में स्थित कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान आज एक प्रमुख राष्ट्रीय कैंसर उपचार केंद्र बन चुका है। यहां 220 बेड, अत्याधुनिक रेडियोथेरेपी, कीमोथेरेपी और सर्जरी की सुविधाएं उपलब्ध हैं। मरीजों को एक ही परिसर में संपूर्ण इलाज मिल रहा है।
Varanasi Cancer Centre: पूर्वांचल के लिए जीवनरेखा
वाराणसी में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र और होमी भाभा कैंसर अस्पताल पूर्वांचल के लिए वरदान साबित हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से स्थापित ये संस्थान टाटा मेमोरियल मॉडल पर काम कर रहे हैं। लखनऊ-वाराणसी नेटवर्क के तहत रेफरल सिस्टम, विशेषज्ञ परामर्श और तकनीकी सहयोग से मरीजों को तेज और प्रभावी इलाज मिल रहा है।
Cancer Screening to Surgery: शुरुआती जांच से इलाज तक मजबूत व्यवस्था
पिछले तीन वर्षों में सरकारी अस्पतालों में कैंसर ओपीडी, सफल सर्जरी और उपचार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। जिला गैर-संचारी रोग (NCD) क्लिनिक के माध्यम से कैंसर की शुरुआती जांच की सुविधा दी जा रही है। ग्रामीण इलाकों में महिलाओं के लिए स्तन और सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग अभियान चलाए जा रहे हैं, जिससे बीमारी का समय पर पता लग सके और मृत्यु दर कम हो।
CM Yogi के निर्देश: पैसे के अभाव में इलाज नहीं रुकेगा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश हैं कि धन की कमी के कारण किसी का इलाज न रुके। आयुष्मान भारत योजना के तहत कैंसर मरीजों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज दिया जा रहा है। आयुष्मान कार्ड जारी करने में उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में है। इसके अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष जरूरतमंद मरीजों के लिए मजबूत सहारा बना है।
AI और आधुनिक तकनीक से कैंसर इलाज को नई दिशा
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) सहित अन्य संस्थानों में बाल चिकित्सा ऑन्कोलॉजी को मजबूत किया गया है, ताकि बच्चों में कैंसर का इलाज प्राथमिकता से हो। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी आधुनिक तकनीकों को कैंसर जांच और उपचार में शामिल करने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।


