UP Muslim Women App: ईद पर यूपी की मुस्लिम महिलाओं को बड़ा तोहफा, अब घर बैठे मोबाइल से कर सकेंगी शिकायत। राज्य महिला आयोग जल्द लॉन्च करेगा खास ऐप, जिसमें शिकायत दर्ज करने, स्टेटस देखने और फीडबैक देने की सुविधा मिलेगी।

UP Women Commission App 2026: ईद से पहले उत्तर प्रदेश की मुस्लिम महिलाओं के लिए एक ऐसी पहल सामने आई है, जो उनकी रोजमर्रा की बड़ी परेशानी को आसान बना सकती है। अब शिकायत करने के लिए थाने या दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। बस मोबाइल उठाइए और अपनी बात सीधे अधिकारियों तक पहुंचाइए। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की ओर से एक खास ऐप लॉन्च करने की तैयारी है, जो खासतौर पर मुस्लिम महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है।

नवीन सर्किट हाउस में हुई महिला जनसुनवाई के दौरान आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने इस ऐप को लेकर बड़ी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कई मुस्लिम महिलाएं सामाजिक पाबंदियों की वजह से थाने या सरकारी दफ्तर तक नहीं पहुंच पातीं। ऐसे में यह ऐप उनके लिए एक आसान रास्ता बनेगा, जहां वे घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर सकेंगी।

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ऐप में क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?

इस ऐप को सिर्फ शिकायत दर्ज करने तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसमें कई जरूरी फीचर्स भी होंगे:

  • शिकायत की स्थिति (Status Tracking)
  • निस्तारण रिपोर्ट देखने की सुविधा
  • फीडबैक देने का विकल्प
  • सीधे अधिकारियों से संपर्क

यानी एक तरह से पूरा सिस्टम मोबाइल पर ही उपलब्ध होगा।

क्यों जरूरी पड़ी ये पहल?

जनसुनवाई के दौरान मिले फीडबैक में यह बात सामने आई कि:

  • कई महिलाएं सामाजिक कारणों से घर से बाहर नहीं निकल पातीं
  • कुछ महिलाएं एक बार शिकायत करने के बाद दोबारा दफ्तर नहीं जा पातीं
  • कई मामलों में परिवार या समाज का दबाव भी सामने आता है

इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए आयोग ने यह कदम उठाया है, ताकि महिलाओं को न्याय पाने में आसानी हो।

गांव-गांव तक पहुंचेगी जानकारी

सिर्फ ऐप बनाना ही नहीं, बल्कि उसे सही लोगों तक पहुंचाना भी जरूरी है। इसके लिए जिला प्रोबेशन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ग्राम पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर महिलाओं को इस ऐप के बारे में जागरूक करें।

जनसुनवाई में क्या सामने आया?

मंगलवार को हुई जनसुनवाई में कुल 44 मामलों की सुनवाई हुई, जिनमें प्रमुख रूप से:

  • घरेलू हिंसा
  • दहेज उत्पीड़न
  • गुजारा भत्ता

जैसे गंभीर मुद्दे शामिल थे। अध्यक्ष ने साफ निर्देश दिए कि सभी मामलों का निस्तारण एक हफ्ते के अंदर किया जाए। साथ ही जिन विभागों ने समय पर रिपोर्ट नहीं भेजी, उन्हें कड़ी चेतावनी भी दी गई।

पुलिस को भी सख्त निर्देश

आयोग की अध्यक्ष ने पुलिस को भी स्पष्ट निर्देश दिए:

  • थाने आने वाली महिलाओं की तुरंत FIR दर्ज की जाए
  • उन्हें अनावश्यक चक्कर न लगवाए जाएं
  • मामलों को गंभीरता से लिया जाए

UP Muslim Women App सिर्फ एक टेक्नोलॉजी पहल नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की दिशा में एक अहम कदम है। अगर यह सही तरीके से लागू होता है, तो हजारों महिलाओं के लिए न्याय पाना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। ईद के मौके पर यह पहल उन महिलाओं के लिए राहत लेकर आ सकती है, जो अब तक अपनी आवाज उठाने से हिचकिचाती थीं।

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