CM Yogi Adityanath farmer scheme: लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ रुपये फसल बीमा क्षतिपूर्ति और 3500 परिवारों को 175 करोड़ की सहायता देंगे। साथ ही कई कृषि परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे। जानें पूरी खबर विस्तार से।
उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासन में कृषि हमेशा प्राथमिकता के केंद्र में रही है। इसी क्रम में शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किसानों और कृषि तंत्र से जुड़े हजारों परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत देने जा रहे हैं। सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री के सरकारी आवास 5 कालिदास मार्ग पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना और आपदा मित्रों के लिए जीवन बीमा सहायता वितरित की जाएगी। यह कार्यक्रम सिर्फ आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रदेश में कृषि बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में भी कई महत्वपूर्ण शिलान्यास किए जाएंगे।
2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ की क्षतिपूर्ति
कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी के अनुसार, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खरीफ 2025) के अंतर्गत 2.51 लाख किसानों को कुल 285 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की जाएगी। फसल बीमा योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदा, सूखा, बाढ़ या अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों में किसानों को आर्थिक सुरक्षा देना है। खरीफ सीजन में हुए नुकसान के बाद यह राहत राशि किसानों के लिए बड़ी संबल साबित होगी।
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दुर्घटना में प्रभावित 3500 परिवारों को 175 करोड़ की सहायता
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 3500 लाभार्थी परिवारों को 175 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। यह योजना उन परिवारों के लिए है, जिन्होंने कृषि कार्य के दौरान दुर्घटना में अपने सदस्य को खोया है या गंभीर रूप से घायल हुए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में ऐसे सुरक्षा कवच योजनाएं सामाजिक स्थिरता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती हैं।
आपदा मित्रों को जीवन बीमा का कवच
आपदा प्रबंधन में सक्रिय ‘आपदा मित्र’ भी इस कार्यक्रम के केंद्र में रहेंगे। इन्हें जीवन बीमा का लाभ प्रदान किया जाएगा। आपदा के समय जोखिम उठाने वाले इन स्वयंसेवकों को संस्थागत सुरक्षा देना राज्य सरकार की प्राथमिकता का संकेत माना जा रहा है।
चार जिलों में कृषि ढांचे को मजबूती
कार्यक्रम के दौरान बागपत, शामली, कासगंज और भदोही में उप कृषि निदेशक कार्यालयों व मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं का शिलान्यास किया जाएगा। मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं किसानों को उनकी जमीन की उर्वरता और पोषक तत्वों की सही जानकारी देंगी, जिससे उर्वरकों का संतुलित उपयोग संभव होगा और लागत घटेगी। कृषि विशेषज्ञ मानते हैं कि स्थानीय स्तर पर ऐसी प्रयोगशालाओं की उपलब्धता से उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता दोनों में सुधार आता है।
झांसी और लखनऊ को भी मिलेगी नई सौगात
झांसी के मऊरानीपुर में 50 शैया वाले छात्रावास भवन का शिलान्यास किया जाएगा, जिससे कृषि शिक्षा और प्रशिक्षण से जुड़े विद्यार्थियों को सुविधा मिलेगी। साथ ही लखनऊ में स्मार्ट कृषि ब्यूरो स्टूडियो इकाई की नींव रखी जाएगी। यह इकाई आधुनिक तकनीक के माध्यम से किसानों तक जानकारी पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। डिजिटल माध्यमों से मौसम, बाजार भाव और सरकारी योजनाओं की सटीक जानकारी देना इसका प्रमुख उद्देश्य होगा।
कार्यक्रम में कौन-कौन रहेंगे मौजूद
इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख भी उपस्थित रहेंगे। प्रशासनिक और कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।
विश्लेषकों के अनुसार, यह आयोजन दो स्तरों पर संदेश देता है, पहला, तात्कालिक आर्थिक राहत; और दूसरा, दीर्घकालिक कृषि ढांचे को मजबूत करने का प्रयास। एक ओर जहां 460 करोड़ रुपये से अधिक की प्रत्यक्ष सहायता किसानों और प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल देगी, वहीं दूसरी ओर प्रयोगशालाओं, कार्यालयों और डिजिटल स्टूडियो जैसी परियोजनाएं कृषि क्षेत्र को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में कदम मानी जा रही हैं।
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