योगी सरकार के बजट 2026-27 में शहरी विकास को बड़ी प्राथमिकता दी गई है। नगर विकास, स्मार्ट सिटी, आवास, स्वच्छता, परिवहन और क्षेत्रीय विकास योजनाओं के लिए हजारों करोड़ का प्रावधान कर नए उत्तर प्रदेश की मजबूत नींव रखी गई है।
लखनऊ। योगी सरकार के बजट 2026-27 में नगर विकास को विशेष प्राथमिकता दी गई है। यह बजट “नए उत्तर प्रदेश” की सोच को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। शहरी विकास के लिए किए गए प्रावधान प्रदेश को आत्मनिर्भर, आधुनिक और समृद्ध बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
नगर विकास के लिए 26,514 करोड़ रुपये का प्रावधान
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि बजट 2026-27 में नगर विकास विभाग के लिए लगभग 26,514 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में 113 नए नगरीय निकायों का गठन किया गया है, जबकि 127 नगरीय निकायों का सीमा विस्तार किया गया है। इससे शहरीकरण को योजनाबद्ध और संतुलित तरीके से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) से स्वच्छ और सुरक्षित शहर
स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) 1.0 के तहत 8,99,634 व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कराया गया है। इसके साथ ही 69,381 सीटों वाले सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालय एवं यूरिनल बनाए गए हैं, जिससे सभी नगरीय निकायों को ओडीएफ घोषित किया जा सका। इसके अलावा 189 नगरीय निकायों के 1,100 ब्लॉकों में पब्लिक, कम्युनिटी और पिंक टॉयलेट का निर्माण किया गया है। इससे खासतौर पर महिलाओं की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान को मजबूती मिली है।
स्मार्ट सिटी मिशन और राज्य स्मार्ट सिटी पहल
केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी मिशन योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के 10 शहर—लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, आगरा, अलीगढ़, बरेली, झांसी, सहारनपुर और मुरादाबाद को शामिल किया गया है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने अयोध्या, फिरोजाबाद, गोरखपुर, गाजियाबाद, मथुरा-वृन्दावन, मेरठ और शाहजहाँपुर को राज्य स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की पहल की है।
आवास और शहरी नियोजन के लिए 7,705 करोड़ रुपये
आवास एवं शहरी नियोजन के लिए बजट में कुल 7,705 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण एवं नए शहर प्रोत्साहन योजना के लिए 3,500 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसके तहत मेरठ में 35 वर्ष, आगरा में 33 वर्ष और लखनऊ में 22 वर्षों के बाद नई आवासीय योजनाएं शुरू की गई हैं। बुलंदशहर में पहली बार औद्योगिक योजना भी लॉन्च की गई है।
क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण और संतुलित शहरी विस्तार
काशी-विन्ध्य क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है, जिससे जौनपुर, चंदौली, गाजीपुर, मीरजापुर, भदोही और सोनभद्र का समेकित विकास संभव होगा। वहीं प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण का गठन प्रक्रियाधीन है।
परिवहन, अवसंरचना और नए शहरी प्रोजेक्ट
रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के तहत दिल्ली-गाजियाबाद- मेरठ नमो भारत ट्रेन का संचालन शुरू हो चुका है। लखनऊ विकास क्षेत्र और प्रदेश के अन्य विकास प्राधिकरणों में अवसंरचना विकास के लिए 800 करोड़ रुपये दिए गए हैं। मेरठ, मथुरा-वृन्दावन और कानपुर विकास प्राधिकरण के अंतर्गत नई अवस्थापना योजनाओं के लिए 750 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। सिटी इकोनॉमिक रीजन योजना के लिए 100 करोड़ रुपये तथा अयोध्या के समग्र विकास के लिए भी 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
राष्ट्र प्रेरणा स्थल के संचालन के लिए विशेष प्रावधान
लखनऊ में बने राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 दिसंबर 2025 को किया था। इसके प्रबंधन, संचालन, सुरक्षा और अनुरक्षण के लिए कॉर्पस फंड के रूप में 50 करोड़ रुपये का प्रावधान बजट में किया गया है।


